गन्ना किसानों ने सादुल्लाहनगर मार्ग जाम लगा किया प्रदर्शन
बलरामपुर। गन्ना किसानों ने सोमवार को सादुल्लाहनगर मार्ग जामकर प्रदर्शन किया। गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक के दुधरा द्वितीय तौल केंद्र को बंद कराकर किसानों ने विरोध जताया।
दो वित्तीय वर्ष का गन्ना मूल्य भुगतान न होने से किसानों में भारी आक्रोश है। चक्रवृद्धि ब्याज सहित गन्ना मूल्य का भुगतान न होने पर किसानों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। मौके पर पहुंचे चौकी इंचार्ज गैड़ास बुजुर्ग किसानों को समझाने-बुझाने में जुटे हुए है।
ब्लॉक के गन्ना किसानों ने सोमवार को भारतीय किसान क्रांति यूनियन के जिलाध्यक्ष खलील शाह के नेतृत्व में सादुल्लाहनगर मार्ग जामकर प्रदर्शन किया। धरने में जिलाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार किसानों के समस्या के प्रति गंभीर नहीं है।
यूनियन की तरफ से किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान के लिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री को 44 प्रार्थना पत्र दिया गया है लेकिन अभी तक बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया जा रहा है।
धरने को ब्लॉक अध्यक्ष जगदंबा प्रसाद वर्मा, शिवंबर प्रसाद मिश्र, जीवनलाल यादव, हर्षवर्धन सिंह, संतराम यादव, बड़ेलाल पांडेय, दुखी प्रसाद, वक्षराज वर्मा व राधेश्याम यादव आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि बजाज चीनी मिल इटईमैदा ने गन्ना पेराई सत्र 2017-18 का 30 दिन का तथा नए सत्र के 65 दिनों का एक पाई का भुगतान नहीं किया है। गन्ना मूल्य भुगतान न होने से किसानों के समक्ष भुखमरी का संकट पैदा हो गया है।
चक्का जाम हटवाने मौके पर पहुंचे गैड़ास बुजुर्ग चौकी के इंचार्ज मनोज सिंह ने किसानों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी देर तक मशक्कत करने के बाद मिल प्रबंधन के अफसरों के आश्वासन के बाद किसानों ने चक्का जाम हटा लिया।
किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं होगा तब तक तौल केंद्र चलने नहीं दिया जाएगा। किसानों के उग्र आंदोलन को देखते हुए तौल केंद्र के अधिकारी व कर्मचारी भी मौके से फरार हो गए।
इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा ने बताया कि जिले की सभी चीनी मिलों के प्रबंध तंत्र को निर्देश दिया गया है कि शासन स्तर से निर्धारित तिथि के अनुसार किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान सुनिश्चित कराएं। भुगतान प्रक्रिया में लापरवाही बरतने पर संबंधित मिल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।