दो वर्ष बाद भी नहीं बन पाए 400 प्रसाधन घर
-52 लाख रुपये का मिला था बजट
- ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को आखिरी नोटिस
उतरौला (बलरामपुर)। स्थानीय ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में स्वीकृत करीब करीब 400 प्रसाधन घरों का निर्माण दो साल में भी नहीं होने का मामला प्रकाश में आया है। इन शौचालयों के निर्माण के लिए मिली करीब 52 लाख रुपये धनराशि हड़प कर ली गई है। एडीओ पंचायत ने सभी संबंधित ग्राम प्रधानों व सेक्रेटरी को अंतिम नोटिस देकर एक सप्ताह में प्रसाधन घरों का निर्माण पूरा कराने का कहा है।
उतरौला ब्लॉक के एडीओ पंचायत सुरेश कुमार चौधरी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में ग्राम पंचायत रेहरामाफी में 30, उतरौला ग्रामीण में 50, महिला में 12, मसीहाबाद ग्रंट में 16, गनवरिया बुजुर्ग में 10 शौचालयों का निर्माण आज तक नहीं हो सका है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में ग्राम पंचायत बनकटवा में दो, कटरा में 34, कुटथुवा में छह, महिला में 47, बिरदा बनियाभारी में 18, मिश्रौली बाघाजोत में 15, देवरिया मैनहा में नौ, पनवापुर में 16, नयानगर विशुनपुर में 14, बड़हराकोट में 10, उपरौहुला में 38, अल्लानगर में 10 तथा सकड़रिया में 10 प्रसाधन घर का बजट मिलने के बाद भी निर्माण नहीं हुआ है। इसी तरह रामपुर मुरार में आठ, सकड़रिया में 17 तथा उतरौला ग्रामीण में 24 प्रसाधन घरों का निर्माण नहीं कराया गया। एडीओ पंचायत ने बताया कि संबंधित ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को गत 17 मार्च व 24 अप्रैल को नोटिस देकर काम पूरा कराने का कहा था लेकिन काम नहीं हुआ। संबंधित ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी को अंतिम नोटिस देकर एक सप्ताह के अंदर काम पूरा कराने की चेतावनी दी गई है। काम समय से पूरा नहीं होने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि प्रसाधन घर निर्माण का बजट ग्राम प्रधान व सेक्रेटरी के संयुक्त खाते में भेजा जाता है।