17 दिनों से एंबुलेंस सेवाएं ठप
ईंधन उपलब्ध न कराने से संयुक्त जिला जिला अस्पताल में हैं खड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। जिले में 17 दिनों से एंबुलेंस सेवाएं ठप हैं। दूर-दराज क्षेत्रों के गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज के लिए अस्पतालों तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी की तरफ से एंबुलेंस को संचालित करने के लिए ईंधन न उपलब्ध कराने का आरोप लगाया जा रहा है। संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में 108 व 102 नंबरों की 40 एंबुलेंस ईंधन के अभाव में खड़ी हैं। जिलेवासियों ने शासन-प्रशासन से एंबुलेंस सेवाओं के तत्काल संचालन कराने की मांग की है। एंबुलेंस सेवाओं के शीघ्र संचालन शुरू न होने पर लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
केमिस्ट एंड ड्रगस्टि एसोसिएशन के महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव, मनीष कुमार, देवेन्द्र व राहुल आदि ने आरोप लगाया है कि जिले में बीते 17 दिनों से 102 व 108 नंबर एंबुलेंस की सेवाएं ठप होने से दूर-दराज क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस सेवाओं का संचालन ठप होने से लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है। यदि शीघ्र ही एंबुलेंस सेवाओं का संचालन शुरू नहीं किया गया तो जिले के लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। जिले में दूर-दराज क्षेत्रों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 22 एंबुलेंस 108 नंबर की तथा 18 एंबुलेंस 102 नंबर की संचालित की जा रही है। इन एंबुलेंस सेवाओं ने बीते कई सालों से दुर्घटना व अन्य के मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में अपना योगदान दिया है। इन्हीं सेवाओं के कारण जिले के तमाम मरीजों को तत्काल इलाज से नई जिंदगी मिली है। बीते 17 दिनों से इन सभी एंबुलेंस सेवाओं का संचालन डीजल व अन्य खर्च के अभाव में ठप है। सभी एंबुलेंस संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में खड़ी है। एंबुलेंस सेवा के संचालक अंकुर चौधरी, उमाकांत व भारती आदि का कहना है कि जीवीके कंपनी की तरफ से कार्ड में ईंधन आदि खर्च का पैसा नहीं भेजा गया है। पैसा न होने के चलते एंबुलेंस सेवाओं का संचालन मुश्किल हो रहा है। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने बताया कि जीवीके कंपनी के अंकुर चौधरी के माध्यम से एंबुलेंस सेवाओं के संचालन के लिए कंपनी के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। कंपनी के उच्चाधिकारियों ने शीघ्र समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया है।