दो सेक्रेटरी संस्पेंड तथा दो की रूकी वेतनवृद्घि
- 426 रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई
- मनरेगा में लापरवाही बरतने पर डीएम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। जिले में मनरेगा योजना की खराब प्रगति पर डीएम ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरी व रोजगार सेवकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले की 801 ग्राम पंचायतों में से मात्र 375 ग्रामों में ही मनरेगा का काम चल रहा है। 426 ग्राम पंचायतों में यह योजना ठप होने से मनरेगा मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। डीएम की सख्ती से सेक्रेटरी तथा रोजगार सेवकों में हड़कंप मच गया है। डीएम के निर्देश पर दो सेक्रेटरी को संस्पेंड कर दिए गए हैं। दो सेक्रेटरी के वेतनवृद्घि पर रोक लगा दी है। अन्य सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई चल रही है। 426 रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी डीएम के निर्देश पर शुरू कर दी गई है। 40 रोजगार सेवकों को सेवा समाप्ति की नोटिस भी दे दी गई है।
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि बीते दिनों मनरेगा समीक्षा बैठक के दौरान 426 ग्राम पंचायतों द्वारा इस योजना के प्रति घोर लापरवाही बरते जाने का मामला प्रकाश में आया है। बलरामपुर सदर ब्लॉक के सेक्रेटरी दिनेश मिश्र तथा हरैया सतघरवा ब्लॉक के सेक्रेटरी प्रमोद कुमार को इसी आरोप में निलंबित कर दिया गया है। बलरामपुर सदर ब्लॉक के सेक्रेटरी रामउग्रह सिंह तथा रजनीकांत वैश्य की वेतनवृद्घि रोक दी गई है।
डीएम ने अन्य सेक्रेटरी के खिलाफ कार्रवाई कर अवगत कराने का निर्देश डीसी मनरेगा बाल गोविंद शुक्ला को दिया है। कई सेक्रेटरी से मनरेगा की खराब प्रगति के लिए जवाब मांगा गया है। इसके अलावा मनरेगा में उदासीनता बरतने वाली सभी 426 गांवों के रोजगार सेवकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। इसी क्रम में 40 रोजगार सेवकों को अब तक सेवा समाप्ति की नोटिस दी जा चुकी है। डीएम ने बताया कि यदि इस योजना में शीघ्र सुधार नहीं लाया गया तो संबंधित ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।