बलरामपुर। नेपाल सीमा से सटे जिले के चार आकांक्षी ब्लॉकों का विकास 18 विभाग मिलकर करेंगे। बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत इन ब्लॉकों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। ग्रामीणों को केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। वनवासियों तथा थारु जनजाति के लोगों को रोजगार से जोड़कर विकास की मुख्य धारा में शामिल किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को आयोजित बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम की समीक्षा बैठक में डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने बताया कि बीएडीपी के तहत जिले के आकांक्षी ब्लॉक तुलसीपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा तथा हरैया सतघरवा को मूलभूत सुविधाओं तथा सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाएगा। उन्होंने उपनिदेशक कृषि एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि नाबार्ड के सहयोग से थारु जनजाति के लोगों को दुग्ध पालन से जोड़ने के लिए गाय व बकरी उपलब्ध कराएं। बार्डर एरिया में कम से कम दो हजार परिवारों को दुग्ध समितियों से जोड़ा जाए।
जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिया कि कम से कम 1000 लोगों को मशरूम की खेती के लिए प्रेरित किया जाए। उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिया कि बार्डर एरिया से कम से कम एक करोड़ रुपये का निर्यात करते हुए स्वरोजगार योजना में 60 प्रतिशत लोगों को कवर किया जाए। उन्होंने पचपेड़वा व शिवपुरा में लगने वाले साप्ताहिक हाट (बाजार) के लिए सरकारी भूमि देने का निर्देश दिया। बार्डर एरिया में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदमहरा, महादेव बाकी व मुटेहना को एक सप्ताह के भीतर शुरू करने का निर्देश सीएमओ को दिया।
सीमा क्षेत्र की सभी बसावटों को कार्ययोजना में शामिल करते हुए संपर्क मार्ग बनवाने का निर्देश एक्सईएन पीडब्ल्यूडी को दिया। इसके अलावा डीएम ने सभी स्कूलों को 19 पैरामीटर पर संतृप्त करने, कौशल विकास मिशन के तहत रोजगार मेले का आयोजन करने, कैंप लगाकर लोगों का बैंक खाता खोलने व सरकारी योजनाओं से छूटे पात्र व्यक्तियों को चिह्नित कर योजना का लाभ दिलाने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।
बैठक से नदारद रहने पर डीएफओ का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश भी दिया। इस मौके पर सीडीओ संजीव कुमार मौर्य, सीएमओ डॉ. सुशील कुमार, एडीएम न्यायिक डॉ. ज्योति गौतम, उपायुक्त मनरेगा सूबेदार सिंह यादव, बीएसए कल्पना देवी व डीपीआरओ नीलेश प्रताप सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।