बैंकों में हड़ताल से 250 करोड़ का लेनदेन ठप
-सरकारी बैंकों को निजी हाथों में देने का हो रहा विरोध
-बड़ा बैंक बनाने की सरकार के मंशा के खिलाफ आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा-बलरामपुर। सरकारी बैंकों की हड़ताल से मंगलवार को गोंडा और बलरामपुर में करीब 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। बैंकों के विलय और जन विरोधी नीतियों के विरोध में बैंक कर्मचारियों ने यह एक दिवसीय हड़ताल की थी। हड़ताल से गोंडा में 220 और बलरामपुर में 148 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
बलरामपुर में भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय सचिव डीपी शर्मा ने मंगलवार को वीर विनय चौराहे पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए कहा कि पब्लिक सेक्टर से जुड़े बैंकों के ग्राहकों को सरकार जानबूझ कर परेशान कर रही है। आज ग्राहकों को बैंकों से एक माह में चार ट्रांजैक्शन के बाद चार्ज वसूला जा रहा है जिसके चलते ग्राहक परेशान हो रहा है। ग्राहकों की दिक्कत को देखते हुए बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल करने का निर्णय लिया है। जनपद के सभी 148 बैंकों के कर्मचारियों ने अपने वेतन की कटौती कराकर आंदोलन को सफल बनाने का प्रयास किया है। बैंकों के हड़ताल से जनपद में 100 करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी व गैर सरकारी लेन-देन ठप रहा है। धरने को संबोधित करते हुए केनरा बैंक के प्रतिनिधि संजय शुक्ला, आदित्य कुमार, विनीत कुमार व विवेक द्विवेदी, एसबीआई के प्रतिनिधि अनिल श्रीवास्तव, डीआर गुप्ता, मोहम्मद अंसारी, केके तिवारी, जब्बार, अजय उपाध्याय, डीबी कैराती, इलाहाबाद बैंक के प्रतिनिधि विवेक व सीताराम, बैंक आफ बड़ौदा के प्रतिनिधि कुंजा गोयल, रमन शुक्ला, बैंक आफ महाराष्ट्र के प्रतिनिधि प्रशांत सिंह, इंडियन बैंक के प्रतिनिधि बहादुर थापा, ओरियंटल बैंक के प्रतिनिधि यशवंत सिंह, अमित, सेंट्रल बैंक के प्रतिनिधि आरपी शुक्ल, समीर कृष्ण तथा सिंडीकेट बैंक के प्रतिनिधि तुषार अग्रवाल, मनीष श्रीवास्तव व राजेश कुमार आदि ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ कर्मचारी आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
गोंडा में मंगलवार को सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी इलाहाबाद बैंक के जोनल कार्यालय के समक्ष एकत्र हुए। सभी केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बैंक के प्रांतीय कर्मचारी नेता एमडी सिंह ने कहा कि केेंद्र सरकार जबर्दस्ती कानून को थोप रही है। बैंकों के एकीकरण व विलय न किया जाए। जानबूझ कर बैंक ऋण न अदा करने पर उसे आपराधिक कृत्य घोषित किया जाए। प्रस्तावित एफआरडीआई बिल वापस लिया जाए। बैंक बोर्ड ब्यूरो को समाप्त किया जाए। धरना प्रदर्शन के दौरान बैंकिंग वर्ग के अधिकारी व मंडल सचिव वरुण कुमार शुक्ल, अध्यक्ष अभय रंजन कुमार, सिंडीकेट बैंक इंपलाइज यूनियन के केंद्रीय समिति सदस्य रमेश सरन श्रीवास्तव ने संबोधित किया। इस दौरान रंजीत कुमार, अभिषेक कुमार, सिद्धार्थ त्रिपाठी, राजीव कुमार, गोपाल, ओम शर्मा, शोभित शर्मा सहित अन्य बैंक के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के सामने जिला मंत्री रजत कुमार, सोहरत सिंह, फौजदार दूबे, जोकू सिंह, प्रदीप सिंह, जेपी तिवारी, अमर नाथ तिवारी, अवनीश त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे। सर्वयूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। इसकी अगुवाई सुधीर कुमार चौरसिया व कन्हैयालाल गौड़ ने किया। बैंक के कर्मचारी नेता एमडी सिंह ने बताया कि गोंडा में करीब 150 करोड़ का लेनदेन पूरी तरह ठप रहा।