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बाइक सवार को बचाने के चक्कर में पलटी तेज रफ्तार प्राइवेट बस

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नेशनल हाईवे पर पलटी बस, 40 यात्री घायल
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सेखुई कला पीलीभीत गांव के पास हुआ हादसा, श्रावस्ती के भिनगा के निवासी हैं लोग
बाइक सवार को बचाने के चक्कर में बस चालक ने खोया नियंत्रण
गंभीर रूप से घायल 21 यात्री जिला अस्पताल में भर्ती
-जय गुरुदेव के सत्संग में शामिल होने धानेपुर गोंडा जा रहे थे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। सेखुई कला पीलीभीत गांव के निकट यात्रियों से ओवरलोड प्राइवेट बस नेशनल हाइवे पर बाइक सवार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर किनारे पलट गई। घटना में 40 यात्री घायल हुए। गंभीर रूप से घायल 21 लोगों को इलाज के लिए जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बस भिनगा श्रावस्ती से बाबा जय गुरुदेव के चेलों को लेकर सत्संग में शामिल होने के लिए धानेपुर गोंडा जा रही थी। बस में कुल 68 यात्री और करीब 20 बच्चे सवार थे।
घटना रविवार सुबह करीब 11 बजे सेखुई कला पीलीभीत गांव के निकट हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुुताबिक बस ओवरलोड होने के साथ-साथ तेज रफ्तार में थी। पीलीभीत गांव के पास अचानक बस के सामने बाइक सवार आ गया। बाइक सवार को बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे पलट गई। बस पलटने से चीखपुकार सुन आसपास लोग दौडे़ और बस में फंसे यात्रियों को निकालने में जुट गए। घायलों को एंबुलेंस एवं प्राइवेट वाहनों से जिला मेमोरियल चिकित्सालय पहुंचाया गया। बस के नीचे दबकर सड़क के किनारे खड़े दो मवेशी भी घायल हो गए। घायल गिरजेश कुमार ने बताया कि बस में कुल 68 यात्री और 20 बच्चे सवार थे। बस भिनगा से बाबा जय गुरुदेव के चेलों को लेकर गोंडा जनपद के धानेपुर बाजार में आयोजित सत्संग में जा रही थी। घटना की सूचना पाते ही तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल लिया। गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है। मामूली घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मौके पर पहुंचे देहात थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि घायलों के परिजनों को सूचना देकर बुलवाया गया है।
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बाक्स
ये यात्री हुए घायल
इस हादसे में भिनगा निवासी ज्ञानमती (55) पत्नी ओमप्रकाश, राजकुमार (20) पुत्री राजकुमार, साधना (18) पुत्री रवि प्रकाश, मनोज पुत्र रवि प्रकाश (16), गिरजेश कुमार (30 ) पुत्र जय प्रकाश दूबे (60) पुत्र जग्गू, पूनम (40) पत्नी राधेश्याम, ननकनी (60) पत्नी राधेश्याम, दुखना (70) पत्नी मिश्रिलाल, किशोरीलाल (55) पुत्र सदानंद, शांति देवी (40) पत्नी माता प्रसाद, नान्हें (50) पुत्र बाठे, आमिरका प्रसाद (55) पुत्र रामलाल, बुद्घिसागर (55) पुत्र भुल्लर, सुन्दरकली (50) पत्नी प्रमोद कुमार एवं अनुज (10) पुत्र बुधराम सहित करीब 40 लोग घायल हो गए।

इंसेट
अस्पताल में अव्यवस्था से अफरा तफरी
बस पलटने की घटना में घायल हुए लोगों को जब जिला मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया तो वहां की इमरजेंसी में घायलों के लिए बेड की कमी हो गई। कुछ घायलों को इमरजेंसी के निकट स्थित स्पेशल वार्ड में ले जाया गया। उसके बाद भी संसाधनों की कमी पूरी नहीं हुई। तमाम घायलों की मरहम पट्टी फर्श पर लिटा कर की गई।
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इंसेट
अकेले डॉक्टर की वजह से भी दिक्कत
दुर्घटना में घायलों के इलाज में डॉक्टरों की कमी भी आड़ेे आ रही थी। इमरजेंसी में केवल एक डॉक्टर तैनात थे। घायल तथा उनके तीमारदार बार-बार और डॉक्टर बुलाने की मांग कर रहे थे लेकिन उनकी मांग अनसुनी कर दी गई। अकेले डॉक्टर ने ही सारे घायलों का इलाज किया। मौके पर पहुंचे तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल ने भी इमरजेंसी में और डॉक्टर बुलाने की बात कही। उसके बावजूद भी इमरजेंसी में न तो डॉक्टर ही आए और न ही अन्य पैरामेडिकल स्टाफ। घायलों को बाहर की दवा लिखे जाने पर भी विधायक ने नाराजगी जताई और मौजूद मेडिकल अफसर से कहाकि घायलों का इलाज सरकारी दवा से किया जाए। यदि दवा न हो तो सरकारी मद से दवाओं की खरीद की जाए।
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