फोटो-32-बलरामपुर के बगहिया गांव में स्थित जर्जर स्कूल।-संवाद
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श्रीदत्तगंज। बरसात का मौसम शुरू होने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षा क्षेत्र के 16 जर्जर परिषदीय विद्यालय भवनों को ध्वस्त कराने की तैयारी शुरू कर दी है। विभागीय निरीक्षण में इन भवनों की हालत बेहद खराब मिलने के बाद यह कदम उठाया गया है।
ध्वस्तीकरण की सूची में प्राथमिक विद्यालय महुआढ़ार, बनई, पुरैना वाजिद, गिद्धौर, पिपरा रामचंद्र, गुलवरिया, बगाहिया, गुमड़ी और छपिया शामिल हैं। इसके अलावा कंपोजिट विद्यालय महुआ इब्राहिम, पुरैना कानूनगो, कन्या बायभीट और पचौथा के भवनों को भी गिराया जाएगा। उच्च प्राथमिक विद्यालय चमरूपुर और महदेइया मोड़ भी जर्जर घोषित किए गए हैं। ग्रामीणों संतोष कुमार, उमेश कुमार के अनुसार कई विद्यालयों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ चुकी हैं। कहीं छत का प्लास्टर झड़ रहा है तो कहीं बरामदे झुक गए हैं। बच्चों और शिक्षकों को हर समय डर बना रहता था कि कहीं पढ़ाई के दौरान कोई हिस्सा गिर न पड़े। बरसात में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती थी, क्योंकि पानी भरने और सीलन से भवन और कमजोर हो रहे थे। बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने बताया कि विभागीय जांच में कई भवन अत्यधिक जर्जर पाए गए। छत और दीवारों की स्थिति खतरनाक होने के कारण ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और जहां पढ़ाई संचालित हो रही है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था कर कक्षाएं जारी रखी जाएंगी। महुआढ़ार गांव के शोभाराम, राजमन और रहीम समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से भवनों की खराब हालत को लेकर शिकायत की जा रही थी। कई बार स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक भी चिंता जता चुके थे। अब विभाग की पहल से संभावित हादसों की आशंका कम होगी और लोगों ने राहत महसूस की है। ग्रामीणों ने मांग किया कि पुराने भवन गिराने के साथ ही नए स्कूल भवनों का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बेहतर माहौल में हो सके।