बलरामपुर। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा विश्व रक्तदाता दिवस पर शुक्रवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित ब्लॅड बैंक में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 15 स्वैच्छिक रक्तदानी इसमें शामिल होकर अभियान के हिस्सा बने।
एसएसबी 9वीं तथा 50वीं वाहिनी के 21 जवानों ने शुक्रवार को रक्तदान के लिए अपनी सहमति दी है। रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले महादानियों को अमर उजाला द्वारा शील्ड व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सीएमओ डा. घनश्याम सिंह ने संयुक्त जिला चिकित्सालय के ब्लॅड बैंक में शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित शिविर का फीता काटकर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सीएमओ ने कहा कि सभी लोगों को जीवन में रक्तदान अवश्य करना चाहिए। इससे कम से कम चार जिंदगियों को बचाया जा सकता है। हर स्वस्थ आदमी रक्तदान कर सकता है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस व प्रभारी ब्लॅड बैंक अधिकारी डॉ. आनंद प्रकाश मिश्र, लैब टेक्निश्यन डॉ. सीपी श्रीवास्तव, आशुतोष श्रीवास्तव, अशोक कुमार पांडेय, अभिषेक सिंह, ऋषि मिश्र, काउंसलर हिमांशु तिवारी व नीरज श्रीवास्तव ने शिविर में आए महारक्तदानियों से रक्तदान कराया।
अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में शेषराम मोदी(38), राजेश त्रिपाठी(55), राजप्रकाश त्रिपाठी(42), चंदन कुमार गुप्ता(31), हिमांशु तिवारी(26), अब्दुल कादिर मलिक(43), सुरेन्द्र कुमार(30), रवीन्द्र गुप्ता कमलापुरी(30), राशिद(24), धर्मप्रकाश पांडेय(33), जीतेन्द्र प्रताप सिंह(42), संतोष(28), आशुतोष श्रीवास्तव(33) व विनोद सिंह(30) ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
30वीं बार रक्तदान में लिया हिस्सा
उतरौला नगर निवासी अब्दुल कादिर मलिक उर्फ बब्बू मलिक (43) ने बताया कि अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित रक्तदान शिविर से पहले उन्होने अपने जीवन में 29 बार रक्तदान किया है। इस शिविर में 30वीं बार रक्तदान कर रहे हैं। रक्तदान करने से जीवन में कभी भी कोई कमजोरी नहीं आती है बल्कि जीवन को बेहद सुकून मिलता है। सभी लोगों को जीवन में रक्तदान करके जरुरतमंदों के जिंदगी को बचाने के लिए आगे आना चाहिए।
अमर उजाला फाउंडेशन के रक्तदान शिविर में 15 जून को शामिल होने के लिए एसएसबी 9वीं व 50वीं वाहिनी के 21 जवानों ने पंजीकरण कराया है। दोनों वाहिनी के अफसरों ने बताया कि उच्चाधिकारियों के दौरे के चलते शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर में रक्तदान करने के लिए जवानों को शामिल होने का मौका नहीं मिल पाया। शनिवार को दूसरे दिन दोनों वाहिनी के करीब 21 जवान रक्तदान करेंगे।