बलरामपुर। मोहल्ला अंधियारी बाग स्थित हजरत हाफिज ऐनुल्लाह शाह चिश्ती रहमत उल्लाह अलैह के मजार पर चल रहे तीन दिवसीय सालाना उर्स का समापन गुरुवार की रात कुल शरीफ के साथ हुआ। उर्स के अंतिम दिन जबाबी कव्वाली सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए।
उर्स के आयोजक कमरुद्दीन अंसारी व शब्बू आदि ने बताया कि उर्स के पहले दिन गागर-चादर जुलूस, दूसरे दिन तकरीरी प्रोग्राम एवं तीसरे दिन जबाबी कव्वाली का आयोजन किया गया। लखनऊ से आए कव्वाल आफताब आलम वारसी एवं देवा शरीफ के कव्वाल अफ्फान हुसैन वारसी केे बीच कव्वाली का जोरदार मुकाबला हुआ। कव्वाली प्रस्तुत करते हुए अफ्फान हुसैन ने कलाम पढ़ा कि ताजदारे हरम हो निगाहें करम, हम गरीबों के दिन भी संवर जाएंगे।
जबाब में कव्वाली सुनाते हुए आफताब आलम वारसी ने कलाम पेश किया कि भर दो झोली मेरी या मोहम्मद, लौटकर मैं न जाऊंगा खाली। दोनों कव्वालों द्वारा पेश किए गए कलाम सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। इस अवसर पर श्रावस्ती सांसद राम शिरोमणि वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शाबान अली, महमूदुल हक, हाजी शरीफ व हाजी नब्बन खां सहित तमाम लोग मौजूद रहे।