बलरामपुर। शहर में स्थित पार्कों का हाल बदहाल है। इन पार्कों में किसी भी तरह की कोई सुविधा नहीं है। पार्कों को सुविधायुक्त बनाने के सीएम के फरमान से लोगों में उम्मीद जगी है। यही नहीं हर समय जाम के झाम से जूझ रहे शहर को इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से राहत मिलने की उम्मीद भी है।
विदित हो कि शहर में नगर पालिका प्रशासन की देख रेख में चार पार्क स्थापित हैं। इनमें से प्रमुख पार्क शहर के पॉश इलाके में स्थित तुलसी पार्क है। इस पार्क में आने वाले लोगों के लिए पीने का पानी भी उपलब्ध नहीं है जबकि पार्क के एक कोने में जलकल विभाग का पंप हाउस है। पार्क में बैठने के लिए चबूतरे पर बनाई सीमेंटेड बेंच भी टूट चुकी है। यहां पर मात्र चबूतरा ही शेष बचा है।
हरियाली के लिए लगाए गए ट्रीगार्ड क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सफाई के अभाव में चारो तरफ गंदगी का अंबार है। इसके अलावा मेजर चौराहे के निकट स्थित तिकोनिया पार्क का हाल भी बेहाल है। इस पार्क का इस्तेमाल सैर सपाटे के बजाए शादी विवाह के लिए हो रहा है। संतोषी माता मंदिर के निकट स्थित चन्द्रशेखर आजाद पार्क तथा स्टेडियम के निकट बना बुद्धा पार्क भी अतिक्रमण की चपेट में है। यहां पर शाम के समय अराजकतत्वों का जमावड़ा हो जाता है।
नई योजना के तहत पार्क में मिलेगी यह सुविधा
-टहलने की सुमचित व्यवस्था
-बैठने की समुचित व्यवस्था
-शौचालय की सुविधा
-मुक्ताकाशी जिम
-शुद्घ पेयजल
-योगा के लिए पर्याप्त स्थान
-बालक्रीड़ा क्षेत्र का विकास
हो रही है जमीन की तलाश
वर्तमान समय में शहर के पार्कों में स्थान कम होने के चलते उनमें शासन से निर्धारित सुविधाओं का विकास संभव नहीं है। शहरवासियों के लिए सभी सुविधाओं से लैस पार्क बनाने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। शीघ्र ही शहरवासियों को एक अच्छा पार्क उपलब्ध कराया जाएगा। - आरके जायसवाल, ईओ नगर पालिका
गाइड लाइन का है इंतजार
मुख्यमंत्री ने शहर में इंट्रीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का फरमान जारी किया है। इस सिस्टम की गाइड लाइन अभी नहीं मिली है। गाइड लाइन मिलते ही शहर में यह सिस्टम प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा। - वीरेन्द्र यादव, प्रभारी यातायात पुलिस