बैंक व बीमा कंपनियों के हड़ताल में दो हजार करोड़ का लेनदेन प्रभावित
बलरामपुर। केन्द्र सरकार की जनविरोधी आर्थिक नीतियों तथा श्रमिक विरोधी श्रम सुधारों से नाराज यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन तथा यूनाईटेड फोरम ऑफ क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के अफसरों तथा कर्मचारियों ने मंगलवार को दो दिवसीय हड़ताल शुरू की है।
लीड बैंक प्रबंधक का दावा है कि हड़ताल के कारण जिले में करीब दो हजार करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। एसबीआई तथा प्राइवेट बैंकों में हड़ताल न होने के कारण भी मामूली काम काज ही हुआ। गनीमत रही कि नगर के अधिकांश एटीएम से पैसे निकलते रहे।
यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन तथा ऑल इंडिया बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के जिला महामंत्री संजय कुमार मिश्रा, अध्यक्ष सीताराम, वकील यादव, मनीष श्रीवास्तव, उदय प्रताप, अभय मिश्र, दीप चन्द्र, गुलाम वारिस व मुरली आदि ने एक नवम्बर 2017 से लंबित मांगों तथा बीमा क्षेत्र में एफडीआई पर रोक लगाने तथा कॉरपोरेट घरानों का करीब 14 लाख करोड़ कर्जा वसूले जाने की मांग की।
सर्व यूपी ग्रामीण बैंक इम्प्लाइज एसोसिएशन के महामंत्री फौजदार दूबे व सुनील कुमार तिवारी आदि ने कहा कि केन्द्र सरकार बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों के हितों की लगातार अनदेखी कर रही है।
बैंकों में ठेकेदारी प्रथा लागू की जा रही है। बैंकों का निजीकरण व विलय कर्मचारी हित में नहीं है। बैंकों में एक अप्रैल 2010 के बाद भर्ती हुए स्टाफ को भी पेंशन योजना में शामिल किया जाए।
बड़े घरानों को दिये गये कर्ज की वसूली की जाए। बैंकों में दैनिक मजदूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाए। लीड बैंक प्रबंधक डा. एनआर विश्नोई ने बताया कि जिले की 141 बैंक शाखाओं में हड़ताल के चलते करीब दो हजार करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ है।
बीमा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह तथा सचिव जेपी पांडेय ने हड़ताल में शामिल होते हुए कहा कि लाभ कमाने वाले सार्वजनिक उद्योगों के विनिवेश व निजीकरण की नीतियों पर अविलम्ब रोक लगाई जाए।
बढ़ती बेरोजगारी पर रोक लगाते हुए एलआईसी में तृतीय व चतुर्थ कर्मियों की भर्ती तुरंत शुरू की जाए। कर्मचारियों के लिए समान काम समान वेतन नीति लागू की जाए। एलआईसी प्रीमियम को जीएसटी से मुक्त किया जाए।
यूपी, उत्तराखंड मेडिकल सेल्स रिप्रजेंटेटिव ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा श्रमिक विरोधी नीतियों का समर्थन किया जा रहा है यह ठीक नहीं है। एसोसिएशन के महासचिव हेंमत ने मांग किया कि सेल्स प्रमोशन इम्प्लाइज एक्ट को लागू कर सरकार कर्मचारी हितों की रक्षा करे।