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भारत-नेपाल सीमा के गांवों में खर्च होंगे 15.02 करोड़

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बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में चालू वित्तीय वर्ष में 15.02 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। इन गांवों में बार्डर एरिया डेवलपमेंट के तहत विकास कार्य कराने का खाका तैयार किया गया है। बजट मिलने के बाद सभी परियोजनाएं परवान चढ़ाई जाएंगी।
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अंतरराष्ट्रीय सीमा से 10 किलोमीटर दूरी तक 68 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉकों के 10 लाख लोगों को बार्डर एरिया डेवलपमेंट के विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में बार्डर एरिया डेवपलमेंट कार्यक्रम के तहत 15 करोड़ एक लाख 85 हजार रुपये की लागत से भारत-नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉकों हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा में जीरो से 10 किलोमीटर दूरी तक 68 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने का खाका तैयार किया गया है।
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सीमा से सटे चारों ब्लॉकों में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर धनराशि का आवंटन किया जाएगा। हरैया सतघरवा ब्लॉक में 2,68,465 जनसंख्या होने पर चार करोड़ दो लाख रुपये, तुलसीपुर ब्लॉक में 2,65,435 जनसंख्या होने पर दो करोड़ 95 लाख रुपये, गैसड़ी ब्लॉक में 2,47,865 जनसंख्या होने पर तीन करोड़ 71 लाख रुपये और पचपेड़वा ब्लॉक में 2,18,553 जनसंख्या होने पर चार करोड़ 32 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च करने के लिए धनराशि दी जाएगी।
सीमा से सटे चारों ब्लॉकों के 68 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को कराने का खाका तैयार किया गया है। पुलों के निर्माण और मरम्मत, स्वास्थ्य सुविधाओं में मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए आवास निर्माण, पीएचसी निर्माण, सीमा से सटे लोगों के लिए एंबुलेंस की खरीदारी व सीमा से सटे सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य से जुड़े सामानों की आपूर्ति होगी।
शिक्षकों को आवास सुविधा दिलाने, विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल सुविधा, खेल मैदानों का डेवलपमेंट, मिनी स्टेडियम का निर्माण, इनडोर स्पोटर्स जैसे टेबुल टेनिस, बैडमिंटन, बास्केट बाल व हैंडबाल के मैदानों का निर्माण, सोलर आधारित पाइप पेयजल परियोजनाओं, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, शादी-विवाह व बैठकों का आयोजन कराने के लिए सामुदायिक केंद्रों का निर्माण और छोटे व कुटीर उद्योगों से जुड़े आधारभूत संरचना आदि के डेवलपमेंट पर खर्च किए जाएंगे।
सीमा से सटे क्षेत्र के राजकीय व वित्त पोषित इंटर कालेज में मिनी स्टेडियम के व इंडोर खेल के लिए मैदान का विकास किया जाएगा। स्कूल के चारों तरफ बाउंड्रीवाल, खेल मैदान, लोगों को टहलने के लिए इंटरलॉकिंग, बैठने के लिए बेंच आदि का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
डीएसटीओ संजीव कुमार ने बताया कि जिला व प्रदेश स्तर पर प्रस्ताव पास कराकर भारत सरकार को भेजा गया है। भारत सरकार की तरफ से सभी प्रस्ताव पास होने के बाद धनराशि का आवंटन किया जाएगा।
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