बलरामपुर। स्कूल-कॉलेजों के प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों की लापरवाही के चलते अब तक सामान्य व ट्यूशन फीस अपडेट नहीं हो सकी है। इससे जिले के 32 स्कूलों के विद्यार्थियों को वजीफा मिलने पर संकट गहरा गया है। फीस अपडेट करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की गई थी।
शासन ने सूची जारी करके जिले के 32 संस्थानों को सात अगस्त तक सामान्य व ट्यूशन फीस अपडेट करने का निर्देश दिया है। शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्यों की तरफ से सामान्य व ट्यूशन फीस अपडेट करने के बाद ही विद्यार्थी वजीफा के लिए निर्धारित तिथि एक जुलाई से 31 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ये बातें डीआईओएस एमके कनौजिया ने गुरुवार को एमपीपी इंटर कॉलेज सभागार में जिले के सभी शिक्षण संस्थाओं के प्राचार्यों, प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों को विद्यार्थियों के दशमोत्तर छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के बारे में दिशा-निर्देश देते हुए कहीं।
डीआईओएस ने कहा कि, जिले में कुल 47 शिक्षण संस्थानों को शासन ने मास्टर डाटा बेस में शामिल किया है। इसमें से 32 शिक्षण संस्थानों ने अभी तक मास्टर डाटा बेस अपडेट नहीं किया है। सात अगस्त तक जिले के 32 शिक्षण संस्थानों की ओर से सामान्य व ट्यूशन फीस अपडेट नहीं की गई तो इन संस्थानों के छात्रों को वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित होना पड़ सकता है।
सात अगस्त के बाद मास्टर डाटा बेस शासन की तरफ से लॉक कर दिया जाएगा। बैठक में छात्रवृत्ति के नोडल अफसर व जिला समाज कल्याण अधिकारी उमाशंकर प्रसाद और जिला पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यादवेंद्र सिंह ने कहा कि, सात अगस्त तक मास्टर डाटा लॉक न करने वाले शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी वजीफा व शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित हो सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी छात्रों की तरफ से संबंधित शिक्षण संस्थान में छह सितंबर तक जमा करने की अंतिम तिथि है।