फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारी बारिश से पहाड़ी नाले में उफान, कई गांवों में घुसा पानी

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-7-
विज्ञापन

फोटो-8-
फोटो-9-
फोटो-10-
फोटो-11-
फोटो-12-




बारिश से पहाड़ी नाला उफनाया, छह गांवों में घुसा पानी
किसानों की दलहनी व धान की फसलें डूबीं
गलियों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी

महराजगंज तराई (बलरामपुर)। पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के चलते गुरुवार को दोपहर खरझार पहाड़ी नाले में अचानक उफान आ गया। उफान के चलते क्षेत्र के छह गांवों में पानी घुस गया। अचानक पहाड़ी नाले में आए उफान से किसानों के खेतों में लगी दलहनी व धान की फसल पानी में डूब गई है। गलियों में पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
विज्ञापन

करीब 15 दिन बाद बुधवार देर रात जिले के अलावा पहाड़ों पर भी तेज बारिश हुई। बरसात का यह सिलसिला गुरुवार दोपहर तक जारी रहा। बारिश के चलते जहां लोगों को उमसभरी गर्मी से निजात मिली, वहीं किसानों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। धान की रोपाई का काम तेज हो गया है। इसी बीच पहाड़ से निकल कर जिले में बहने वाले पहाड़ी नाले खरझार में दोपहर में अचानक उफान आ गया। उफान के चलते रामगढ़ मैटहवा, शांतीनगर, विजयीडीह, तिवारीडीह, सुगानगर लहेरी व हरिहरनगर गांव में बाढ़ का पानी भर गया। सबसे ज्यादा खराब स्थिति रामगढ़ मैटहवा व शांतीनगर में दिखी। रामगढ़ मैटहवा निवासी पवन कुमार, हृदयराम, संतोष कुमारी, अशोक, जगप्रसाद व धर्मेंद्र ने बताया कि उफान के चलते कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लोगों के घरों में रखा अनाज, बिस्तर और कपड़े भीग गए हैं। इन लोगों का कहना है कि हर साल खरझार पहाड़ी नाले की बाढ़ से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बाद भी शासन व प्रशासन चुप्पी साधे हैं। इस संबंध में एसडीएम तुलसीपुर एसके त्रिपाठी ने बताया कि खरझार नाले के उफान से प्रभावित गांवों में कानूनगो और लेखपाल को भेजा गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें