बलरामपुर। जिले में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ा है। वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में न सिर्फ सड़क हादसों की संख्या बढ़ी है, बल्कि मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है। जागरूकता कार्यक्रमों के बाद भी सड़क हादसों में कमी नहीं आई है। 2024 की अपेक्षा वर्ष 2025 में सड़क हादसों में 5.35, जबकि हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में 12.10 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वहीं घायलों की संख्या भी 7.94 प्रतिशत बढ़ी है।
वर्ष 2024 में जहां कुल 187 सड़क हादसे हुए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 197 पहुंच गई है। 2024 में हुए सड़क हादसों में जहां 124 लोगों ने जान गंवाई थी, वहीं वर्ष 2025 में 139 लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही घायलों की संख्या भी 126 से बढ़कर 136 हो गई है। माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी, फरवरी, मार्च व मई में सबसे अधिक मौतें हुई हैं। जनवरी में मौतों की संख्या 85.71 प्रतिशत बढ़ी, जबकि फरवरी व मई में यह बढ़ोतरी 100 प्रतिशत तक पहुंच गई। मार्च में भी हादसों व मौत के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुई है। एमएलके महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. राजीव रंजन का मानना है कि तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और जागरूकता की कमी हादसों की बड़ी वजह बन रही है। जिले में शायद ही कोई दिन ऐसा हो जिस दिन हादसे में किसी ने जान न गंवाई हो। वर्ष भर जिले में जागरूकता व चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, फिर भी हादसों में कोई कमी नहीं आई है। (संवाद)
सड़क हादसों में माहवार मौतों की संख्या
माह - मृतकों की संख्या
जनवरी - 13
फरवरी - 16
मार्च - 15
अप्रैल - 13
मई - 20
जून - 12
जुलाई - 08
अगस्त - 05
सितंबर - 08
अक्टूबर - 16
नवंबर - 13
दिसंबर - 00
संकल्प के साथ जागरूकता अभियान शुरू
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए नए साल के पहले दिन से ही संकल्प लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। यातायात कर्मियों को मुस्तैदी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करने और लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया गया है।
-विकास कुमार, पुलिस अधीक्षक