तीन शिक्षकों से होगी 3.52 लाख रुपये की रिकवरी
बलरामपुर। मदरसा के तीन शिक्षकों से तीन लाख 52 हजार रुपये की रिकवरी कराई जाएगी। मदरसा शिक्षकों पर फर्जी तरीके से मानदेय भुगतान लेने का खुलासा हुआ है।
देहात थाना क्षेत्र के नंदनगर अचानकपुर गांव में फर्जी मदरसा का संचालन दिखाकर मानदेय भुगतान लिया गया है। भौतिक सत्यापन के दौरान धरातल पर मदरसा संचालित नहीं पाया गया है।
डीएम कृष्णा करुणेश ने शनिवार को बताया कि नंदनगर अचानकपुर निवासी नानक शरण सिंह ने मई 2018 में सीएम के पोर्टल पर शिकायत की कि मदरसा अजीजिया दारुल उलूम के प्रबंधक मोहम्मद सईद अहमद के नाम से तीन शिक्षकों ने फर्जी तरीके से मानदेय का भुगतान लिया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यादवेंद्र सिंह से जांच कराई गई।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के 19 जून 2018 की जांच में यह खुलासा हुआ कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत विज्ञान शिक्षक के रुप में वाजिद अली, अमरपाल सिंह व सत्यपाल सिंह ने सितंबर 2013 से फरवरी 2014 तक 36-36 हजार रुपये, वर्ष 2015-16 में 24-24 हजार व वर्ष 2016-17 में 24-24 हजार रुपये तथा वर्ष 2017-18 में अमर पाल सिंह व सत्यपाल सिंह ने 14-14 हजार रुपये का फर्जी तरीके से मदरसा शिक्षक के रुप में मानदेय का भुगतान लिया है।
मदरसा उपनिंबधक कार्यालय फैजाबाद में वर्ष 2015-16 में मदरसा का संचालन दिखाया गया है। जिला अल्पसंख्सक कल्याण अधिकारी ने तीनों फर्जी शिक्षकों व मदरसा के प्रबंधक मोहम्मद सईद अहमद के खिलाफ 19 जून को नोटिस जारी करके जवाब तलब किया है।
अभी तक किसी भी पक्ष ने अपना जवाब प्रस्तुत किया है। समय सीमा समाप्त होने े बाद मदरसा संचालकों व फर्जी तरीके से मानदेय का भुगतान लेने वालों के खिलाफ डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराने का निर्देेश दिया है।