अपहरण का जाल बुनने में खुद फंसे परिवारीजन
- एक दूसरे को फंसाने के लिए गढ़ी थी अपहरण की झूठी कहानी
- दोनों किशोर बरामद, 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। मकान पर कब्जेदारी को लेकर बीते दिनों दो अलग-अलग किशोरों के अपहरण में उनके परिवारीजन खुद फंस गए हैं। दोनों किशोरों के परिवारीजनों ने खुद अपने बच्चों को छिपाकर एक दूसरे के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस की सख्ती के आगे दोनों परिवार टूट गए और अपने-अपने बच्चों को बरामद करा दिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के छह लोगों के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
विदित हो कि बलरामपुर देहात थाना क्षेत्र के भलुहिया गांव में मकान की कब्जेदारी को लेकर नंदलाल व ध्रुव विश्वास तथा गणेशदत्त शुक्ला के बीच विवाद चल रहा है। गत 6 जुलाई को गणेशदत्त शुक्ला की मां विद्यावती देवी ने अपने पोते रजनीश के अपहरण का केस नंदू उर्फ नंदलाल, अन्नू व राधेश्याम के खिलाफ दर्ज कराया था। मामले की विवेचना चल ही रही थी कि नंदलाल की बहू गुड़िया ने देवर पवन के अपहरण की सूचना पुलिस को दी तथा गणेशदत्त शुक्ला व ध्रुव विश्वास के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज करा दिया। दोनों पक्षों पर शक होने के चलते क्राइम ब्रांच प्रभारी रूदल यादव तथा देहात थानाध्यक्ष संजय कुमार ने दो पक्षों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। थोड़ी सी कड़ाई के बाद दोनों पक्ष टूट गए और अपना गुनाह कुबूल करते हुए कहा कि उन लोगों ने खुद अपने-अपने घर के बच्चों को छिपाकर एक-दूसरे को फंसाया है। एसपी प्रमोद कुुमार ने बताया कि अपहरित किशोर रजनीश शुक्ला को रेणुकानाथ मंदिर से तथा पवन विश्वकर्मा को ग्राम लालाजोत गिधरैया से बरामद कर लिया गया है। झूठी सूचना देकर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराने व पुलिस को गुमराह करने के आरोप में एक पक्ष के नंदलाल विश्वकर्मा, मदनलाल विश्वकर्मा तथा गुड़िया देवी व दूसरे पक्ष के विद्यावती शुक्ला, गणेशदत्त शुक्ला तथा ध्रुव विश्वास के खिलाफ एसओ संजय कुमार की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। गणेशदत्त, ध्रुव तथा नंदलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है शेष आरोपियों की तलाश की जा रही है।