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अपराजिता संवाद में लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों पर शिक्षकों ने व्यक्त किए विचार

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बलरामपुर। अमर उजाला की ओर से गुरुवार को रानी धर्मशाला में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल मुहिम के तहत संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें शिक्षक नेताओं ने लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार चयन पर अपने विचार व्यक्त किए। लोकसभा चुनाव में परखकर उम्मीदवार का चयन करने पर बल दिया गया।
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अमर उजाला के कार्यक्रम की सराहना करते हुए यूनाईटेड टीचर एसोसिएशन के शिक्षकों ने लोगों से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की। कार्यक्रम में शिक्षकों ने कहा कि वोट लेने के समय उम्मीदवार बड़े-बड़े वायदे करते हैं लेकिन चुनाव के बाद सारे वायदे धरे के धरे रह जाते हैं।

उम्मीदवारों के वायदों की समीक्षा होनी चाहिए। खरा उतरने वाले उम्मीदवार को तरजीह मिलनी चाहिए। हमारा सांसद ऐसा हो जो सभी के सुख-दुख में भागीदार हो। लोगों की समस्याओं का निराकरण कराए। क्षेत्र का विकास कराने में सक्षम हो।
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ईमानदार हो उम्मीदवार
वोट देकर लोकतंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है। लोकतंत्र में वोट का बड़ा महत्व है। अपने वोट की कीमत को समझें। भ्रष्टाचार मुक्त व मजबूत सरकार ही देश व समाज का विकास कराने में सक्षम हो सकती है। मतदान के दिन सारे कामकाज छोड़कर हमें सबसे पहले वोट देना चाहिए।
-देव कुमार मिश्र, जिलाध्यक्ष, यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन

गरीबों को हक दिलाने वाला हो जनप्रतिनिधि
देश में बेरोजगारी की सबसे बड़ी समस्या है। बढ़ती बेरोजगारी से युवा दिशाहीन हो रहे हैं। युवाओं की ऊर्जा को देश की प्रगति में लगाया जाना चाहिए। हमें ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करना होगा जो देश के विकास के साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर दिला सके।
-फैजान अंसारी, शिक्षक

पुरानी पेंशन बहाली सबसे बड़ा मुद्दा
आज पुरानी पेंशन बहाली सबसे बड़ा मुद्दा है। अधिकारियों व कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा छीनकर अन्नाय किया गया है। इसके खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले उम्मीदवार का चुनाव करना चाहिए। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हम सभी को बढ़-चढ़कर मतदान करना होगा।
-अभिषेक ओझा, शिक्षक

विकास के नाम पर देंगे वोट
बलरामपुर जनपद काफी पिछड़ा हुआ है। देश को प्रधानमंत्री तक देने वाले इस संसदीय क्षेत्र का आज अस्तित्व ही नहीं रह गया है। हमें जिले का विकास कराने वाले उम्मीदवार का चयन करना होगा। अधिक से अधिक मतदान करके हमें लोकतंत्र को मजबूत बनाना होगा।
-बलवीर सिंह, शिक्षक


स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार पर हो फोकस
जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। दुर्घटना के गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पतालों से तत्काल रेफर कर दिया जाता है। मरीजों को इलाज के लिए बहराइच व लखनऊ का चक्कर काटना पड़ रहा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार कराने वाला उम्मीदवार ही हमारी पसंद होगा।
-अशोक सिंह, शिक्षक


जाम से दिलाए निजात
जिला मुख्यालय पर रोजाना लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। हमें ऐसे उम्मीदवार का चयन करना होगा जो जाम से निजात दिला सके। शहर के चारों तरफ रिंग रोड का निर्माण कराकर लोगों को जाम से निजात दिलाने वाले उम्मीदवार का चयन करना होगा।
-पीयूष कुमार शर्मा, शिक्षक


सड़कें दुरुस्त कराने पर हो फोकस
बदहाल सड़कों से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें चौड़ी नहीं होने से भी दिक्कतें हैं। बदहाल सड़कों की मरम्मत तथा सड़कों के चौड़ीकरण को तरजीह देने वाले उम्मीदवार का चयन किया जाएगा।
-अंकित कुमार सिंह, शिक्षक


शिक्षा के बजट में हो बढ़ोत्तरी
समाज के सभी लोगों को शिक्षित करने के लिए दिया जा रहा बजट बहुत कम है। हमें ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करना होगा जो शिक्षा के क्षेत्र में विकास कराने पर बल दे। शिक्षा का बजट बढ़ाया जाए जिससे महज प्रचार ही नहीं बल्कि हकीकत में कार्य दिखाई पड़ें।
-तेज नारायन सिंह, शिक्षक


शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार पर लगाए रोक
हमें ऐसे उम्मीदवार का चयन करना होगा जो शिक्षा विभाग के भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए लड़ाई लड़ सके। लोकतंत्र के महापर्व पर हम सभी को वोट की चोट करने का मौका मिला है। हम सब को जागरूक बनकर अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव करना होगा।
-विकास चौबे, शिक्षक


रोडवेज बसों के सेवाओं में हो सुधार
जिले में रोडवेज बसों की सेवाएं ठीक नहीं हैं। लोगों को स्थानीय स्तर पर आवागमन के लिए खटारा बसों व डग्गामार वाहनों का प्रयोग करना पड़ रहा है। रोडवेज के बेड़े में बसों का इंतजाम कराने वाले को ही हमें अपना अमूल्य मत देना चाहिए।
-विवेक मिश्र, शिक्षक


किसानों का दर्द समझें जनप्रतिनिधि
जिले के चार ब्लॉकों में किसानों के लिए सिंचाई की सुविधा सबसे बड़ा मुद्दा है। असिंचित क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था न होने से किसानों को बरसात पर ही निर्भर रहना पड़ता है। अन्नदाताओं को तरजीह देने वाले उम्मीदवार को ही हमें अपना जनप्रतिनिधि चुनना चाहिए।
-राम धीरज वर्मा, शिक्षक


बेरोजगारों को दिलाए रोजगार
बेरोजगारों की फौज बढ़ती जा रही है। लोकसभा चुनाव में बेरोजगारी सबसे बड़ा मुद्दा है। हमें ऐसे जनप्रतिनिधि का चुनाव करना होगा जो बेरोजगारी की समस्या का दूर कराए। अमर उजाला की तरफ से आयोजित कार्यक्रम वोटरों को जागरूक करने में मील का पत्थर साबित होगा।
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-कौशल कुमार, शिक्षक
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