दहेज हत्या में मां-बेटे को 10 वर्ष की कैद
बलरामपुर। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने दहेज हत्या के मामले में मां-बेटे को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपियों को आठ-आठ हजार रुपये अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया है।
थाना सादुल्लाहनगर निवासी शिवदास ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था कि उसकी बहन सुमन की हत्या विनोद कुमार व उसकी मां ज्ञानमती ने दहेज न मिलने के कारण सात जुलाई 2016 की रात में कर दी है।
पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर नामजद अभियुक्त विनोद कुमार व ज्ञानमती को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मृतका के भाई शिवदास का आरोप था कि मृतक की शादी विनोद से दो वर्ष पहले हुई थी।
पति व सास दहेज में बाइक की मांग कर रहे थे। बाइक न मिलने पर इन लोगों ने सुमन को जान से मार डाला। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता नरेंद्र प्रताप पांडेय ने 11 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी द्वितीय डॉ. अमित वर्मा ने विनोद कुमार व ज्ञानमती को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास व आठ-आठ हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
न्यायाधीश ने आदेशित किया कि आरोपियों द्वारा अर्थदंड जमा न करने पर उन्हें आठ-आठ माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।