पूर्व मंत्री के बेटे के खिलाफ केस
बलरामपुर। पूर्व राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव के बेटे के खिलाफ अपने गन हाउस से फर्जी तरीके से कारतूस बेचने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सदर एसडीएम ने नगर कोतवाली में सुसंगत एफआईआर दर्ज कराया है।
सदर एसडीएम व सीओ सिटी के जांच में फर्जी तरीके से कारतूस बेचने की पुष्टि हुई है। नगर कोतवाली में तैनात एसआई को मामले की विवेचना करने के लिए जांच अधिकारी नामित किया गया है।
सदर एसडीएम अरुण कुमार गौड़ ने मंगलवार को बताया कि डीएम कृष्णा करुणेश के निर्देश पर नगर कोतवाली के मोहल्ला पहलवारा बहराइच रोड स्थित यादव गन हाउस के खिलाफ मेरे व सीओ सिटी ओपी सिंह के जांच में फर्जी तरीके से कारतूस बेचने के आरोप की पुष्टि होने पर केस दर्ज कराया गया है।
जांच के दौरान पता चला कि नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बलुहा निकट अहमदिया स्कूल निवासी मोहम्मद रफी के शस्त्र लाइसेंस पर यादव गन हाउस की तरफ से चार जनवरी 2018 व पांच जनवरी 2018 को 10-10 कारतूस तथा हरैया थाना क्षेत्र के ग्राम भटपुरवा निवासी राजेश्वर तिवारी के नाम से 29 दिसंबर 2017 को 10 कारतूस फर्जी तरीके से बेंचकर पर्ची जारी किया गया है।
दोनों मामलों को संज्ञान में लेते हुए 6 अगस्त 2018 को नगर कोतवाली में फर्जी तरीके से कारतूस बेचने के आरोप में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कराया गया है। विदित हो कि इस गन हाउस के संचालक पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव के पुत्र आदर्श यादव हैं। नगर कोतवाली में तैनात एसआई जगत राम मौर्य को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
राजनैतिक भावना के तहत की गई है कार्रवाई
-पूर्व राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव ने यादव गन हाउस के खिलाफ फर्जी तरीके से कारतूस बेचने को लेकर नगर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर राजनैतिक भावना के तहत कार्रवाई है। प्रशासन की तरफ से मामले में की गई जांच निष्पक्षतापूर्ण नहीं है।