बलरामपुर। जिला सेवायोजन कार्यालय में शुक्रवार को रोजगार मेले का आयोजन किया गया। मगर अपने जिले में ही नौकरी की आस लेकर पहुंचे युवाओं को निराशा हाथ लगी। लखनऊ में 10 हजार तो राजस्थान में नौकरी करने पर 12 हजार रुपये का ऑफर युवाओं को दिया गया। दूसरे प्रदेश में कम पगार पर नौकरी के प्रस्ताव से युवाओं के चेहरे पर निराशा दिखी।
सेवायोजन कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित रोजगार मेले में आए मोहित तिवारी, अवधेश शुक्ल, अमरेश व हिमांशु सिंह आदि ने बताया कि 12 हजार रुपये में राजस्थान, गुजरात व नोएडा जैसे शहर में काम करना संभव नहीं है। इतने कम पैसे में क्या खाएंगे और क्या बचाएंगे। महंगाई के हिसाब से मानदेय काफी कम है।
मानसी पांडेय ने बताया कि लखनऊ में 10 हजार रुपये पगार पर नौकरी का ऑफर मिला है। लखनऊ जैसे शहर में 10 हजार रुपये में अपना खर्चा ही नहीं चलेगा, घरवालों को क्या देंगे।
सेवायोजन कार्यालय में शुक्रवार को सदर विधायक पल्टूराम व सेवायोजन अधिकारी आशा वर्मा ने फीता काटकर रोजगार मेले का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने का हर संभव प्रयास कर रही है। रोजगार मेले के माध्यम से युवा अच्छी कंपनियों में आसानी से नौकरी प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर एनसीसी प्रभारी श्वेता मिश्रा, मेला प्रभारी रवि श्रीवास्तव, वकील अहमद, रतन कुमार आदि मौजूद रहे।
सेवायोजन अधिकारी आशा वर्मा ने बताया कि रोजगार मेले में 95 युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें से 35 लोगों को रोजगार दिया गया है। शेष युवाओं के प्रपत्रों की जांच के बाद कंपनियां ऑफर लेटर देंगी। कम पगार पर महानगरों व दूसरे प्रदेश में नौकरी के सवाल पर आशा वर्मा ने कहा कि हम रोजगार मेला आयोजित करते हैं। इसमें कंपनियां अपनी जरूरत व सुविधा के हिसाब से मानदेय का ऑफर देती हैं।