बलरामपुर। जिले में जन सुनवाई पोर्टल पर प्राप्त होने वाले प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति बेहद शानदार रही है। इसके लिए जिले को प्रदेश में प्रथम रैंक प्राप्त हुई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने डीएम सहित जिले के अन्य आला अफसरों को इसके लिए बधाई दी है। चालू वित्तीय वर्ष में साढ़े सात माह के अंदर मात्र 25 प्रकरण ही डिफॉल्टर मिले हैं। 15 हजार 176 के सापेक्ष 14 हजार 540 मामलों का निस्तारण करा दिया गया है। समय सीमा के अंदर मात्र 611 मामले ही लंबित हैं।
आईजीआरएस पोर्टल के तकनीकी अधिकारी व ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर प्रतीक नरेश ने बताया कि 31 मई 2018 से 17 दिसंबर 2018 तक जन सुनवाई पोर्टल पर कुल 15 हजार 176 लोगों ने विभिन्न प्रकरणों में शिकायतें दर्ज कराई गईं। प्राप्त शिकायतों के सापेक्ष 17 दिसंबर तक 14 हजार 540 मामलों को समय सीमा के अंदर निस्तारित कराया जा चुका है।
डीएम के अथक प्रयास से जन सुनवाई पोर्टल पर प्राप्त होने वाले शिकायतों को निस्तारित कराने में बड़ी सफलता मिली है। समय सीमा के अंदर मात्र 611 मामले ही लंबित हैं जबकि समय सीमा के बाहर मात्र 25 मामले ही डिफॉल्टर पाए गए हैं। नवंबर 2018 में शासन की समीक्षा में जन सुनवाई पोर्टल पर प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया शानदार पाई गई।
वर्जन
डीएम की तरफ से हर माह डिफॉल्टर प्रकरण प्राप्त होने के बाद तत्काल संबंधित विभाग के अधिकारी का वेतन रोककर जवाब तलब किया जा रहा है। जवाब संतोषजनक न मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करके शासन को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है। डीएम की तरफ से हर माह की सात, 14, 21 व 28 तारीख को प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा की जा रही है। कठिन प्रयास के बाद जन सुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जिले को प्रदेश की रैंकिंग में प्रथम स्थान मिला है।
महेन्द्र कुमार सिंह, एडीएम न्यायिक व आईजीआरएस पोर्टल के नोडल
वर्जन
-जिले के सभी विभागों के अफसरों को निर्देश दिया गया है कि जन सुनवाई प्रणाली में दर्ज शिकायतों के निस्तारण में कोताही कदापि न बरतें। लोगों को न्याय दिलाने में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। हर माह जन सुनवाई पोर्टल के शिकायतों की नियमित समीक्षा की जा रही है। लगातार प्रयास के बाद जन सुनवाई पोर्टल के शिकायतों के निस्तारण में अच्छी सफलता मिली है। इस कार्य के लिए सीएम ने भी बधाई।
कृष्णा करुणेश, डीएम