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पहाड़ों पर हुई बारिश से उफनाए पहाड़ी नाले

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गांव में घुसा पानी, सैकड़ों बीघा फसल तबाह
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बलरामपुर। पिछले तीन दिनों से पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के चलते जिले में बहने वाले पहाड़ी नाले खरझार, सिरिया व हेंगहा आदि में उफान आ गया है। नालों के उफान से शांतिनगर गांव में पानी भर गया है।

नालों के किनारे सैकड़ों बीघे सब्जी व तरबूज की फसल तबाह हो गई है। वहीं कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नालो में बहकर आने वाली जंगली लकड़ी को बटोरने में जुट गए हैं।
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शनिवार सुबह आठ बजे खरझार पहाड़ी नाले में अचानक उफान आ गया। उफान के चलते शांतिनगर गांव में बाढ़ का पानी घुस गया। बाढ़ के चलते रामगढ़ मैटहवा जाने वाला मार्ग लगभग चार घंटे तक बंद रहा।

क्षेत्रीय किसान अब्दुल हकीम ने बताया कि दर्जनों किसानों ने नाले के किनारे तरबूज व सब्जी की खेती की थी। बाढ़ आने से सारी फसल तबाह हो गई है। खेत में पानी भर गया है।

इन लोगों का कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद बांध न बनाए जाने के कारण हर साल पहाड़ी नाले की बाढ़ से भारी तबाही होती है। कई गांव का रास्ता बंद हो जाता है।

लोगों के घरों में पानी भर जाने से भारी नुकसान होता है। पहलवान, मुनीर आलम व हनीफ आदि ने बताया कि बारिश होते ही पहाड़ी नालो में उफान आने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उफान के चलते हर साल दर्जनों गांव के लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

गत वर्षों में शासन तथा प्रशासन ने बांध बनाए जाने की घोषणाएं तो बहुत की लेकिन आज तक बांध निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पाया। पानी भरने के कारण गर्मी के मौसम में संक्रामक रोगों का दंश भी क्षेत्र के लोगों को झेलना पड़ता है।

पहाड़ों पर हुई बारिश के चलते सिरिया, नकटी व हेंगहा आदि पहाड़ी नाले में पानी का बहाव तेज हो गया है। गनीमत यह रहती है कि ऊपर से नीचे बहने वाले इन पहाड़ी नालो के बाढ़ का असर कुछ घंटों में ही थम जाता है।
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इस संबंध में एसडीएम तुलसीपुर एसके त्रिपाठी ने बताया कि खरझार पहाड़ी नाले में उफान आने की सूचना मिली है। मौके पर राजस्व निरीक्षक व हल्का लेखपाल को जांच के लिए भेजा गया है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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