बलरामपुर। नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार मानते हुए 10 साल के कारावास के साथ ही 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह की कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि अर्थदंड न चुकाने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता पवन कुमार शुक्ला ने बताया कि हरैया थाने में 25 सितंबर 2016 को एक महिला ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि 18 सितंबर 2016 की रात करीब सात बजे गांव के ही मनोज, सगीर, शाह आलम, अली असगर, बब्लू व गुड्डू ने बलपूर्वक घर में घुस कर मेरी नाबालिग पुत्री का तमंचे की नोक पर अपहरण कर लिया। वह लोग पुत्री को बोलेरो में बैठाकर ले गए थे। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए पीड़िता को बरामद कर उसका बयान न्यायालय के समक्ष दर्ज कराकर डॉक्टरी परीक्षण कराया।
पीड़िता के बयान के आधार पर इस मामले में दुष्कर्म की धारा को बढ़ाते हुए गुड्डू व असगर अली के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता नें छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मौजूद साक्ष्य व गवाहों के आधार पर विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने आरोपी गुड्डू उर्फ रियाज अहमद को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी करार मानते हुए सजा सुनाई।