बलरामपुर। दुष्कर्म के अभियुक्त को न्यायालय ने दस साल की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पवन कुमार वर्मा ने बताया कि ललिया के एक गांव के व्यक्ति ने दो अक्तूबर 2013 को ललिया थाने में अनिल पांडेय के खिलाफ नाबालिग लड़की से दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराकर न्यायालय में बयान दर्ज कराया। पुलिस ने छानबीन कर अनिल पांडेय के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म करने का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद एफटीसी के न्यायाधीश अभिनतम उपाध्याय ने अनिल पांडेय को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी मानते हुए दस साल के कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।