जिला कारागार में बहुत जल्द जैमर लगेगा। ऐसे में कैदी चोरी छिपे भी मोबाइलों का प्रयोग नहीं कर सकेंगे। यह कदम चंद दिनों पहले जिला कारागार में औचक निरीक्षण के दौरान बैरक से मोबाइल मिलने के बाद उठाया गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं लखनऊ देवेंद्र सिंह चौहान ने इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन आफ इंडिया (डिपार्टमेंट आफ एटोमेटिक एनर्जी) के सीनियर डिप्टी मैनेजर राजीव माथुर को जिला जेल में जैमर लगाने के लिए प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
जिला कारागार में तैनात जेलर अरूण कुमार मिश्रा द्वारा जिला कारागार के उच्चाधिकारियों को जेल में जैमर तथासीसी टीवी कैमरा लगाने के लिए पत्र लिख चुके हैं। जेलर ने अपर पुलिस महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं लखनऊ सहित मुख्यमंत्री को भी कई बार पत्र भेजा था।
जिसमें उल्लेख किया गया था कि बाहर से लोग मोबाइल, गांजा, शराब, चाकू सहित अन्य वस्तुएं बैरक में फेंक देेते हैं। अगर जेल प्रशासन सख्ती बरता जाती है तो, बंदी उत्पात मचाने लगते हैं और भूख हड़ताल पर चले जाते हैं।
अपर पुलिस महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवायें लखनऊ देवेंद्र सिंह चौहान ने शासन के निर्देश पर वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रदेश के 12 संवेदनशील कारागारों में जिला कारागार बलिया सहित केंद्रीय कारागार बरेली, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, मुरादाबाद, इटावा, बुलंदशहर, बांदा, मैनपुरी, झांसी, जौनपुर में जैमर (मोबाइल फोन) लगाने के लिए इलेक्ट्रानिक्स कारपोरेशन आफ इंडिया (डिपार्टमेंट आफ एटोमेटिक एनर्जी) के सीनियर डिप्टी मैनेजर राजीव माथुर अविलंब प्रस्ताव मांगा है।
निर्देश दिया है कि 12 संवेदनशील कारागारों का सर्वेक्षण कराते हुए तकनीकी वित्तीय प्रस्ताव उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि शीघ्र कारागार में जैमर लगाया जा सकें। इस बाबत जेलर एके मिश्रा ने बताया कि जिला कारागार में जैमर लगाने के लिए अपर पुलिस महानिदेशक ने आदेश जारी कर दिया है। सर्वेक्षण के बाद शीघ्र ही जिला कारागार में जैमर लग जाएगा। बताया कि जैमर लगने से जिला कारागार में निरुद्ध बंदी मोबाइल से अंदर या बाहर बात नहीं कर सकेंगे। इससे जेल प्रशासन को भी काफी राहत मिलेगी।