प्रशासन की ओर से नावों से बचाव कार्य किया जा रहा है।
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जयप्रकाश नगर। द्वाबा क्षेत्र में गंगा व घाघरा नदी के जलस्तर के लगातार बढ़ने से लोगों की जिंदगी नारकीय हो गई है। बाढ़ पीड़ितों की दशा यह है कि वो लोग ना ही दिन में ही निश्चिंत होकर रह पा रहे हैं और नाही रात में ही सुकून की नींद सो पा रहे हैं। दिन में पशुओं के लिए बाढ़ के पानी में तैरते हुए चारा का इंतजाम करते हैं और शाम को अपने भोजन की व्यवस्था में लग जाते हैं। रात में जीव जंतुओं से परिवार की निगरानी करने में लगे रहते हैं। ऐसे में चौबीसों घंटे बाढ़ पीड़ित लोग परेशान रहते हैं।
बाढ़ क्षेत्र के प्रभावित गांवों की बिजली सुरक्षा के नजरिए से काट दी गई है। ऐसे में पीड़ितों को अंधेरे में ही गुजारा करना पड़ रहा है। वहीं, बाढ़ में तरह तरह के विषैले सांप, बिच्छू व अन्य विषैले जीवों को देख बच्चे भी कांप जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से प्रकाश की अब तक कोई ऐसी व्यवस्था नहीं की गई है जिससे लोग उजाले में रह सकें।
क्षेत्र के गंगा नदी के किनारे बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में कोडरहा नौबरार पंचायत के करीब पच्चीस सौ की आबादी वाला गांव भगवान टोला(टीपुरी), तो वहीं घाघरा नदी के चपेट में आने वाले गांवों में चांददीयर पंचायत के करीब तेरह हजार की आबादी वाले गांवों में चांददीयर बड़ा प्लाट, पलटू नगर, श्रीपालपुर के डेरा, भगवान के डेरा, टोला फतेह राय के, बैजनाथ के डेरा, बकुल्हा, बकुल्हा पूर्वी, मठिया आदि गांव प्रभावित है ।
चार दिनों से बाढ़ झेल रहे क्षेत्र के लोग : जयप्रकाश नगर। विकासखंड मुरली छपरा क्षेत्र के कोडरहा नौबरार पंचायत के भगवान टोला (टीपुरी) गांव गंगा नदी के बाढ़ का दंश करीब चार दिनों से झेल रहा है। यही नही, इस पूर्वे के चारों तरफ डूबने योग्य पानी हो चुका है लेकिन सरकार द्वारा उस गांव का हाल जानना भी अब तक मुनासिब नही समझ गया है। इस पंचायत की महिला ग्राम प्रधान रूबी सिंह के प्रयास से तहसील प्रशासन द्वारा तीन नावों की व्यवस्था आवागमन को बहाल रखने के लिए कराया है। वहीं चांददीयर पंचायत के बैजनाथ के डेरा पलटू नगर, एवं टोला फतेह राय के गांव के कुछ भाग के बाशिंदों का आवागमन अवरुद्ध हो गया है।