बलिया। भाद्रपद माह में विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाने की परंपरा रही है। नगर से गांव तक सोमवार को हर घर के लोगों ने पहले सफाई का काम शुरू किया। वाहनों की धुलाई और साफ- सफाई के बाद सभी ने अपने-अपने वाहनों और दुकानों आदि में विश्वकर्मा भगवान की पूजा की। इसके अलावा नगर के नलकूप विभाग, बिजली विभाग, आइटीआई, रेलवे स्टेशन आदि पर भी पूजा का आयोजन किया।
उधर, टाउन पालीटेक्निक में विश्वकर्मा पूजन समारोह धूमधाम से मनाया गया। अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र के अराध्य भगवान विश्वकर्मा विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राओं व हम सभी को ज्ञान का शिखर प्रदान करें जिससे हम देश के विकास में अहम भूमिका निभा सके। प्रधानाचार्य एसके उपाध्याय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की आराधना मात्र से तकनीकी क्षेत्र में विकास के साथ साथ सुख समृद्धि स्वत: प्राप्त हो जाती है। इस मौके पर कृष्ण मोहन सिंह, ब्रजभूषण कुमार, सुमन श्रीवास्तव, विनोद कुमार, विजय सिन्हा, जयप्रकाश पांडेय, अनिल कुमार शर्मा, राकेश यादव, निखिलेंद्र नाथ मिश्र, आलोक सिंह आदि मौजूद थे।
जिला विश्वकर्मा समिति के तत्वावधान में भृगु आश्रम स्थित विश्वकर्मा मंदिर में पूजन समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के निर्माता व आदि शिल्पी है। इसी कारण उनके वंशज प्रतिवर्ष उनके पूजन समारोह का आयोजन करते है। पूजन के बाद एक सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता नंदकिशोर शर्मा व संचालन कमलेश शंकर वर्मा ने किया। इस मौके पर विनोद शर्मा, बलिराम शर्मा, गोपाल शर्मा, रामजनम शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, शिवकुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
बेल्थरारोड प्रतिनिधि के अनुसार देवशिल्पी विश्वकर्मा की जयंती पर नगर क्षेत्र में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान यज्ञ, हवन और पूजन- अर्चन की धूम रही। मधुबन मार्ग स्थित विश्वकर्मा मंदिर पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। मंदिर समिति के अध्यक्ष भुवनेश्वर विश्वकर्मा के संयोजकत्व में श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा का सविधि पूजा अर्चना कर मंगल कामना की। इसके अलावा प्रतिष्ठानों और घरों की साफ-सफाई की गई। मंदिर पर देर शाम तक घंटा- घड़ियाल गूंजते रहे। भगवान विश्वकर्मा के जयकारे से वायुमंडल गूंज उठा।
सिकन्दरपुर प्रतिनिधि के अनुसार: देवशिल्पी विश्वकर्मा जयंती पर नगर क्षेत्र सहित ग्रामीण अंचलों में विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान यज्ञ, हवन और पूजन- अर्चन की धूम रही। क्षेत्र के नवोदय आईटीआई तिलौली चतुर्भुज नाथ इंटर कॉलेज ज्ञानकुंज एकेडमी सहित विभिन्न विद्यालयों में भी धूमधाम से विश्वकर्मा पूजन मनाया गया। मालदह चट्टी स्थित विश्वकर्मा मंदिर पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के मंडल प्रभारी लल्लन शर्मा के नेतृत्व में विश्वकर्मा समाज के लोगों ने स्वजातीय बंधुओं को भ्रमण कर शुभकामना दिया एवम भगवान विश्वकर्मा का सविधि पूजा अर्चना कर मंगल कामना की। इस दौरान वीरेंद्र प्रसाद शर्मा अमरनाथ नाथ शर्मा सियाराम शर्मा कृष्ण बिहारी शर्मा उमाशंकर शर्मा बिरबहादुर शर्मा सुभाष चंद शर्मा आदि मौजूद थे। इसके अलावा प्रतिष्ठानों और घरों की साफ-सफाई की गई। मंदिर पर देर शाम तक घंटा- घड़ियाल गूंजते रहे। भगवान विश्वकर्मा के जयकारे से वायुमंडल गूंज उठा।
रसड़ा प्रतिनिधि के अनुुसार: नगर सहित ग्रामीण अंचलों शिल्पदेव, निर्माण के देवता भगवान श्री विश्वकर्मा जी की पूजा धूम रही। बैदिक मंत्रो की वीच भगवान विश्वकर्मा पूजा से पूरा क्षेत्र ही धार्मिक मय बना रहा। विभिन्न यांत्रिक प्रतिष्ठानों कल कारखानों दुकानों पर सुबह से ही वैदिक मंत्रोच्चार हवन पूजन के साथ भगवान श्री विश्वकर्मा की पूजा अर्चना सुवह से शुरू हुआ जो देर रात्रि तक चलता रहा। जबकि नगर के श्रीनाथ बाबा मठ स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर पर विश्वकर्मा समाज के लोगों द्वारा विशेष पूजा का आयोजन किया गया। जिसमे मानस पाठ, संकीर्तन के पश्चात भगवान विश्वकर्मा की भव्य पूजा आरती की गयी। अंत में प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजित किया गया। इसी प्रकार कई प्रतिष्ठानों पर भी भोज भंडारे के साथ कई स्थानों पर विविध प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया ग्रामीण अंचलों कोटवारी पकवाईनार फिरोजपुर कोप कुरेम सरदासपुर माधोपुर इंड्रस्टीयल क्षेत्र सहित आदि गावो में भी भगवान विश्वकर्मा पूजे गये। फोटो सहित