जिलाधिकारी यशवंत राव ने विकास भवन के सभाकक्ष में बुधवार को फरवरी में हुए विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान डीएम ने विभागवार विकास का हाल जाना और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने कई विभागों की धीमी गति से कार्य करने पर नाराजगी जताते हुए मार्च के अंत तक कार्य को पूर्ण कराने का निर्देश दिया। कहा कि लापरवाही की वजह से जिले की रैंकिंग नीचे खिसक रही है। डीएम ने संबंधित विभाग के प्रमुखों को काम में सुधार लाने की हिदायत दी। चेतावनी दी की कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने 33 केवीए के विद्युत सब स्टेशनों के निर्माण तथा विद्युत लाइन बिछाने के कार्य की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। साथ ही विद्युत माध्यमिक कार्य खंड आजमगढ़ के एक्सईएन से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। वहीं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के एक्सईएन को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की सड़कों को हर हाल में 15 मार्च तक पूर्ण करने का निर्देश दिया है।
इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा में भवन निर्माण की खराब प्रगति पर सीएनडीएस, पैकपैड एवं राजकीय निर्माण निगम के तीनों प्रभारियों को फटकार लगाई। कहा कि मार्च तक कार्य पूर्ण कराकर विभाग को हैंडओवर करें। वहीं विकलांग पेंशन में लक्ष्य की पूर्ति करने का निर्देश देते हुए प्रत्येक बीडीओ से फार्म मंगवाकर लक्ष्य पूरा करने को कहा।
जनेश्वर मिश्र ग्राम योजना के तहत मार्केटिंग हब का निर्माण नहीं होने पर मंडी समिति के सचिव से पूछताछ की। साथ ही कर्मियों की लापरवाही के संबंध में निदेशक को पत्र लिखने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग के विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उपकेंद्रों के निर्माण में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ डा. पीके सिंह को शीघ्र कार्य पूरा कराने को कहा।
वहीं जननी सुरक्षा योजना में लक्ष्य के सापेक्ष खराब पूर्ति पर सवाल उठाया। इस मौके पर सीडीओ के बालाजी, सीएमओ डा. पीके सिंह, डीडीएजी टीपी शाही, सेवायोजन अधिकारी एके पांडेय, एआरटीओ अरुण कुमार, कृषि अधिकारी जेपी यादव, डीएसओ रामेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।