भोजापुर मार्ग पर संचालित शराब की दूकानों को हटाने के लिए सैकड़ों महिलाओं ने बुधवार को तीसरी बार झाड़ू और डंडा लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। महिलाएं नायब तहसीलदार की बात सुनने तक को तैयार नहीं हुईं। तब नायब तहसीलदार शशिकांत मणि ने उच्चाधिकारियों से वार्ता कर आश्वासन दिया कि जब तक कोई फैसला नहीं ले लिया जाता है, तब तक शराब की दूकानें बंद रहेंगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कुछ माह पहले एनएच पर स्थित अंग्रेजी और देशी शराब और बीयर की दूकानों को हटाया गया था। इसके बाद बैरिया-भोजापुर मार्ग पर एक ही जगह तीनों दूकानें खोल दी गईं। यहां शाम ढलते ही शराबियों का जमावड़ा होने लगता है। लोगों का कहना है कि भोजापुर, लक्ष्मीपुर, सावन छपरा, बैरिया ढबही, भगवानपुर की महिलाओं को इस मार्ग से आते-जाते शर्मसार होना पड़ रहा है। महिलाओं के अनुसार शराब की दूकानों के आसपास पांच विद्यालय भी हैं।
करीब एक पखवाड़ा पहले दो महिलाओं के साथ शराबी छेड़खानी भी कर चुके हैं। इससे गुस्साईं महिलाओं ने बुधवार को तहसील पहुंच कर प्रदर्शन किया। इस मौके पर सुगंती देवी, मुन्नी देवी, ज्ञांति देवी, कलावती, चंदा, मीरा देवी, संगीता, रेखा देवी, कुंती, प्रमिला, चंद्रावती, सोनामती, कविता देवी आदि थीं।