बैरिया कस्बा से भोजापुर मार्ग पर संचालित शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को सैकड़ों महिलाओं ने हाथ में झाड़ू व डंडा लेकर बैरिया तिराहे पर उग्र प्रदर्शन किया। घंटों सड़क जाम करने के साथ ही महिलाओं ने जाम से निकलने वाले लोगों को झाड़ू से पिटाई भी की। इस दौरान महिला पुलिस न होने से पुलिस प्रशासन भी पसीना-पसीना दिखे।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अंग्रेजी, देशी व बीयर की दुकानों को एनएच से हटाकर बैरिया भोजापुर मार्ग पर एक ही जगह तीनों दूकान स्थापित कर दिया गया। शाम ढलते ही यहां शराबियों का जमावड़ा लगने लगा। इस वजह से भोजापुर, लक्ष्मीपुर, सावन छपरा, बैरिया ढबही, भगवानपुर इलाके की महिलाओं को आने-जाने में शर्मसार होना पड़ रहा है।
शराब की दूकानों के आसपास पांच स्कूल होने के साथ आबादी क्षेत्र भी है। बताया जाता है कि गुरुवार कीदोपहर में इस सड़क मार्ग से जाने वाली दो महिलाओं के साथ शराबियों द्वारा छेड़खानी भी की गई है। जिससे आक्रोशित चारों गांव की सैकड़ों महिलाओं ने हाथ में झाड़ूव डंडा लेकर शुक्रवार को बैरिया तिराहे पर स्व. बाबू मैनेजर सिंह की मूर्ति के सामने एनएच को जाम कर दिया और नारेबाजी करने लगी।
महिलाएं भट्ठी हटाओ इज्जत बचाओ, बेटी बहन की इज्जत बचाओ, हमारे बच्चों को पढ़ने दो जैसे नारे लगा रही थी। महिलाओं में इस कदर गुस्सा था कि जाम से जबरन निकलने का प्रयास करने वालों कि झाड़ू से पिटाई कर दी गई। जाम की वजह से एनएच के दोनों तरह ट्रकों व अन्य वाहनों की कतार लग गई।
इसकी सूचना पर एसडीएम अरविंद कुमार, क्षेत्राधिकारी त्रयंबक नाथ दूबे, एसएचओ दीप कुमार मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने महिलाओं को समझाकर जाम समाप्त करने के बाद तहसील चलने को कहा, जिससे घंटो बाद जाम तो समाप्त हो गया, लेकिन महिलाएं तहसील प्रांगण में पहुंच कर धरना प्रदर्शन करने लगी।
एसडीएम अरविंद कुमार ने भरोसा दिलाया कि शराब की दूकानें मानक पूरा नहीं कर पा रहा है तो उन्हें हटवाया जाएगा। साथ ही शराब की दूकान के पास खड़े होकर पीने वालों को जेल भेजा जाएगा। महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
हालांकि महिलाओं ने कहा कि वहां से तीन दिनों के अंदर दूकानें नहीं हटीं तो पुन: धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दिया। एसडीएम ने मोबाइल द्वारा आबकारी विभाग से बात की और खुद मामले की जांच करने का भरोसा दिलाया। धरना प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में प्रमुख रूप से सुगंती देवी, मुन्नी देवी, ज्ञांति देवी, कलावती, चंदा, मीरा देवी, संगीता, रेखा देवी, कुंती, प्रमिला, चन्द्रावती, सोनामती, कविता देवी आदि सैकड़ों महिला रही।