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लॉकडाउन में समूह की महिलाओं को मिला रोजगार, बना रही मॉस्क

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बैरिया। लॉकडाउन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मिला है। क्षेत्र के गंगापुर की एक दर्जन महिलाएं हर रोज एक हजार से 1500 मास्क तैयार करती हैं। इससे गांवों के लोगों को कम कीमत पर मास्क उपलब्ध हो रहा है वहीं महिलाओं को आर्थिक लाभ भी हो रहा है।
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गंगापुर गांव में प्रगतिशील स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पिछले कई दिनों से लगातार मास्क बनाने का काम कर रही हैं। इनके द्वारा तैयार मास्क बैरिया ब्लॉक व ग्राम पंचायत दुर्जनपुर, गंगापुर, चांदपुर, मुरली छपरा ब्लॉक अंतर्गत इब्राहिमाबाद उपरवार, खवासपुर समेत कई गांवों में सरकारी दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इस समूह की ओर से प्रति मास्क 13.60 रुपये के हिसाब से 10 हजार से अधिक मास्क की बिक्री की जा चुकी है। इन महिलाओं के बनाए मास्क के चलते बाजारों में मास्क की कालाबाजारी पर भी रोक लगी है।
स्वयं सहायता समूह के सदस्य राजकुमारी देवी ने बताया कि हमारे समूह में 12 महिलाएं हैं। हर माह कुछ पैसे समूह के सारे सदस्य जमा करते हैं। लॉक डाउन में हम लोगों का काम धंधा बन्द हो गया तो हम लोगों ने मास्क बनाना शुरू कर दिया।
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माया देवी ने कहा कि कोरोना महामारी में मास्क पहनना जरूरी किया गया तो हमलोगों ने इसे बनाना शुरू कर दिया। इससे जहां लोगों को कम कीमत पर मॉस्क मिलने लगा वहीं हमलोगों को रोजगार भी मिल गया और आर्थिक लाभ भी।
मुन्नी देवी ने कहा कि कोरोना बीमारी के आने बाद बाजारों में मास्क की कालाबाजारी शुरू हो गई। इसी बीच गांव के समाजसेवी वीरेन्द्र वर्मा व आलोक वर्मा ने हम महिलाओं को मास्क बनाने का सुझाव दिया था। महिलाएं आपस में जमा की गई पैसों से गांधी आश्रम से कपड़े, धागे खरीदकर मास्क बनाने का कार्य शुरू किया।
माया देवी ने बताया कि ब्लॉक सहित ग्राम पंचायतों में अब तक हम महिलाओं द्वारा तैयार की गई 10 हजार से अधिक मॉस्क बिक चुका है। हमलोगों ने करीब एक हजार मॉस्क निशुल्क वितरण किया है। इससे हमें रोजगार भी मिला है, साथ ही क्षेत्रीय लोगों को कालाबाजारी से राहत भी मिल रही है।
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