राज्य महिला आयोग की सदस्य शीला चतुर्वेदी ने पीड़ित महिलाओं को त्वरित
न्याय दिलाने के लिए डाकबंगले में महिला जन सुनवाई की। उन्होंने महिला
उत्पीड़न के मामले में सुनवाई करते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को
मामलों की जांच के लिए कहा।
इस दौरान महिला उत्पीड़न संबंधी छह मामले उनके
सामने प्रस्तुत किए गए।सहतवार निवासी साधना देवी ने अपनी जमीन दूसरे
के द्वारा हड़पने और अतिक्रमण कर रास्ता रोकने की शिकायत की। इस पर सिटी
मजिस्ट्रेट को इस मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्यवाई करने का
निर्देश दिया।
हनुमानगंज निवासी प्रेमशिला ने परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज
नहीं करने की बात कही। इस पर बीडीओ को नाम दर्ज करवाने का निर्देश दिया।
निरालानगर की अनुपमा गुप्ता ने ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ना की शिकायत
की। कहा कि थाने में शिकायत दर्ज है लेकिन पति पर कार्रवाई आजतक नहीं हुई।
आयोग की सदस्य ने एएसपी केसी गोस्वामी को इस मामले को देखने को कहा। हल्दी
थाना के रेपुरा निवासी एक परिवार ने शिकायत की कि उसकी लड़की को ससुराल
वालों ने जलाकर मार डाला। एफआईआर दर्ज होेने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं
हुई।
इस पर एएसपी ने तत्काल संबधित एसओ को कार्यवाई करने का निर्देश दिया।
जगदीशपुर की कुसुम व उसके परिवार ने प्रतापगढ के एक व्यक्ति द्वारा
धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए न्याय दिलाने की अपील की। श्रीमती चतुर्वेदी
ने बताया कि महिलाओं के कल्याण एवं उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं
चलाई जा रही है।
योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचे, सरकारी अमला यह
सुनिश्चित करें। बैठक में सीओ सिकंदरपुर सुरेशचन्द रावत, प्रोबेशन अधिकारी
एके पाण्डेय, डीपीओ रामभवन वर्मा, महिला एसओ संध्या सिंह आदि उपस्थित रहे।