माघ कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि को नगर से लेकर ग्रामीणांचलों के मंदिरों व घरों में व्रती महिलाओं ने गणेश चतुर्थी की कथा पुरोहित से श्रवण किया तथा चंद्र को अर्घ्य देकर पुत्र के दीर्घायु की कामना की। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने शुक्रवार को पुत्र की दीर्घायु के लिए व्रत रखा।
शाम को स्नान करने के बाद नए वस्त्र धारण कर भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष फूल-माला, फल-फूल, मिष्ठान आदि चढ़ाकर पुरोहित से कथा श्रवण किया। इसके बाद चंद्रमा के निकलने पर अर्घ्य लिया तथा पुत्र के दीर्घायु की कामना की। तत्पश्चात अपने से बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। गणेश चतुर्थी पर पूजा अर्चन के लिए मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ी। मंदिरों में सुबह से ही महिलाएं दर्शन के लिए पहुंचने लगी थी। पूजा करने के बाद व्रती महिलाआें ने दान पुण्य भी किया।