शुक्रवार को नगर सहित ग्रामीणांचलों में महा गौरी का पूजन-अर्चन किया गया। सुहागिनों ने गुलाबी तथा अन्य भक्त सफेद वस्त्र धारण कर मां की अर्चना की। मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर संतान की कामना की।
बांसडीहरोड संवाददाता के अनुसार शंकरपुर स्थित शांकरी देवी के मंदिर में शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भीड़ काफी रही। श्रद्धालुओं ने कतार में खड़े होकर मंदिर में पूजा-अर्चन की।
मां को नारियल, चुनरी, प्रसाद सहित कराह चढ़ाया। मां के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी चैत नवरात्र के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया है।
शनिवार को लगने वाले मेले के लिए दूरदराज से दूकानदार पहुंचकर दूकान सजा रहे हैं। एक दिन पहले से ही पक्षियों के विक्रेता भी दूकान सुरक्षित कर रहे हैं। मेले में मीना बाजार लगता है।
इसमें महिलाओं की भीड़ काफी रहती है। झूला, चरखी सहित अन्य मनोरंजन की चीजें मेलार्थियों के लिए लगाए गए हैं। मंदिर के आसपास नारियल, चुनरी की दूकान सजी है।
शुक्रवार को श्रद्धालुओं की काफी भीड़ देखी गई। पास स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी भक्तों ने पूजा-अर्चना की। सागरपाली संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के मां कपिलेश्वरी भवानी मंदिर पर शुक्रवार को भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। यहां नवमी के अवसर पर भव्य मेला का आयोजन किया जाता है।
इसके मद्देनजर शाम को ही दूकानें सज-धज कर तैयार हो गई हैं। मां कपिलेश्वरी सेवा संस्थान के अध्यक्ष अंजनी ओझा ने अपील की कि अगर दूकानदारों से वसूली करना चाहे तो दूकानदार उसे पैसा न दें तथा इसकी शिकायत समिति से करें।