अवैध कच्ची दारू के विरोध में क्षेत्र के डुमरी, मनियारी जसांव, तिवारी गांव की महिलाएं आंदोलनरत थी। एक महीने में कई बार थाने का घेराव भी किया था। जिससे हरकत में आई पुलिस शुक्रवार की देरशाम डुमरी गांव पहुंच गई। सैकड़ों ग्रामीणों के साथ हुई बैठक में ग्रामीणों ने जहां सहयोग की बात कही, वहीं पुलिस ने भी अवैध शराब के खिलाफ सख्ती से पेश आने का संकल्प लिया।
गौरतलब हो कि उपरोक्त गांव की महिलाएं क्षेत्र के छाता, मनियारी जसांव, मिश्रवली, सरांक, शेर, घघरौली, डुमरी, तिवारी गांव में अवैध रूप से बिक रही कच्ची दारू व अर्जिनिया के खिलाफ अभियान छेड़ रखा था। इस बीच चार जुलाई को जहां महिलाएं लामबंद होकर तिवारी गांव की भट्ठियों पर तोड़फोड़ की थी। बावजूद अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बस इस गांव में किसी तरह शराब बंद हुई, लेकिन अन्य क्षेत्र में शराब का गोरखधंधा चलता ही रहा। जिससे आजिज महिलाओं ने एक बार फिर 14 जुलाई को थाने का घेराव किया। वादे के मुताबिक एसओ अशोक कुमार पांडेय ने कई लोगों को चालान भी किया। लेकिन कुछ खास असर नहीं दिखा।
जिससे महिलाएं एक बार फिर 28 जुलाई को थाने पर अवैध शराब बंद कराने को लेकर प्रदर्शन किया। जिससे हरकत में आई पुलिस इस बार विशेष आयोजन के क्रम शुक्रवार की देरशाम डुमरी गांव पहुंच चौपाल लगाई। जिसमें लगभग 500 की संख्या में ग्रामीण मौजूद हुए थे। इस दौरान ग्रामीणों में ग्राम प्रधान द्वारिका बिंद, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश, दीपक, शंभूनाथ, बीडीसी चंदन सिंह, योगेंद्र, पुष्पा, शकुंतला, मनरकिया, पुष्पा आदि रहे।