सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कोटेदारों के उत्पीड़न को लेकर कोटेदार संघ ने डीएम के प्रतिनिधि सीआरओ को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व कोटेदार संघ ने कंपनी बाग में एक बैठक की। कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दूकानदारों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि उन्हें पैसों में कमीशन नहीं चाहिए। अब तो बाजार में भी पैसे का चलन नहीं रहा।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कोटेदार संघ के कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेश बहादुर यादव ने कहा कि कोटे की दूकान एक ऐसा माध्यम है, जो सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ संबंधित लोगों तक पहुंचाता है, लेकिन आज भी वह दुर्भाग्यवश उपेक्षित है।
दूकानदारों की समस्याओं को न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार सुलझाने के प्रति संवेदनशील है। आलम यह है कि आज भी कोटे के दूकानदारों को पैसों में कमीशन मिलता है। जबकि पैसा मार्केट से बाहर हो चुका है और इसका परिचलन बंद हो चुका है।
उन्होंने मांग किया कि दूकानदारों की समस्याओं का हर हाल में निस्तारण किया जाए। अन्यथा की स्थिति में दूकानदार आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। बैठक में बृजबिहारी सिंह, सुशील तिवारी, सुभाष चौहान, रवींद्र यादव, जयराम यादव, दिनेश राय, लल्लन राय, ओमप्रकाश पांडेय, गोगा पाठक, उदयभानू पांडेय आदि उपस्थित रहे। संचालन आनंद प्रकाश ने किया।