आजमगढ़ कमिश्नर एमकेएस सुंदरम ने सोमवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण
किया। इस दौरान नए भवन और दवा केंद्र के साथ ही विभिन्न वार्डों का भी
निरीक्षण किया गया।
नए और पुराने अस्पतालों में भर्ती मरीजों के बारे में
जानने के बाद उनकी सुविधाओं के बारे में पूछताछ की।
आजमगढ़ कमिशभनर ने
सबसे पहले नए चिकित्सालय के इमरजेंसी, मेडिकल, हड्डी, सर्जिकल और बच्चा
वार्ड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सीएमएस डा. केपी गर्ग अचानक गिर
पड़े। जिन्हें कर्मचारियों ने उनके आवास पर पहुंचाया। निरीक्षण के दौरान
उन्होंने सीएमएस पक्ष में पहुंचकर उपस्थित पंजिका को चेक किया।
वहां से
निकलने के बाद उन्होंने दवा भंडार में भी चेक किया। इस दौरान चीफ
फार्मासिस्ट से पूछा कि साल में दवा का कितना बजट आता है। उन्होंने कुल 90
लाख का बजट आना बताया।
फिर पूछा कि इतने बजट में पूरे साल की दवा का काम चल
जाता है तो उन्होंने बताया कि कम पड़ता है तो दवा मंगाया जाता है।
फार्मासिस्ट से पूछा कि किन दवाओं की अधिक मांग है।
साथ ही दवाओं को सही
ढंग से रखने की चेतावनी दी। साथ ही एक सप्ताह बाद दोबारा निरीक्षण करने की
बात कही। कहा कि एंटी एलर्जिक दवाएं लोकल परचेजिंग कराई जाय।
अगर कोई दवा
टेंडर के जरिए नहीं आती है तो अपने स्तर से भी मंगाई जाय। इसी दौरान सीएमएस
दोबारा निरीक्षण कराने के लिए आ गए, जिसपर मंडलायुक्त ने पूछा कि तबियत
क्यों खराब हो गई। सीएमएस ने बताया कि मुझे सांस की बीमारी है।
मुझे इस पद
से हटवा दीजिए। इस दौरान डा. इरशाद, डा. एसपी राय, डा. बीपी सिंह, डा. एके
श्रीवास्तव, फार्मासिस्ट श्रीकांत, एलटी प्रीति पांडेय, चालक भगवान व
धर्मेंद्र अनुपस्थित मिले।