राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तत्वावधान में नगर के सतीशचंद्र कालेज के खेल मैदान में वर्ष प्रतिप्रदा उत्सव का आयोजन किया गया। इसे भारतीय नव वर्ष के शुभारंभ के साथ ही पृथ्वी पर मानव सृष्टि का आरंभ का दिन माना जाता है। भारतीय संस्कृति एवं हिंदी संस्कृति समरूप है। इसलिए प्रकृति एवं समाज इसे हिंदू नव वर्ष के रूप में सनातन काल से मनाते आ रहा है। ये बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक के क्षेत्र कार्यवाह रामकुमार ने कही।
उन्होंने आयोजित उत्सव के दौरान विशाल सभा को भी संबोधित किया। कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ हिंदू समाज को संगठित करने का एक महान आंदोलन है। संघ की मान्यता है कि हिंदू यदि संगठित होगा तो राष्ट्र की उन्नति होगी। उत्सव कार्यक्रम के बाद आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने पद संचालन कार्यक्रम आयोजित किया। जिसके तहत खेल मैदान से आगे-आगे बुलेट पर सवार आरएसएस कार्यकर्ता चल रहे थे।
उनके पीछे हजारों की संख्या में संघ के सदस्य चल रहे थे। नगर के भृगु आश्रम होते हुए जापलिनगंज, एलआईसी तिराहा होते हुए पुन: गंत्यव्य पर पहुंचकर पद संचलन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता एससी कालेज के प्राचार्य डा. अशोक उपाध्याय एंव संचालन बौद्धिक प्रमुख रामजी सिंह ने किया। पथ संचलन के पूर्व गणवेश में संघ के सदस्यों ने विविध कार्यक्रम किए।