बलिया। राज्य के दूसरे जिलों में वाहन खरीदने वाले लोगों को अब घबराने की जरूरत नहीं है। वह प्रदेश के चाहे जिस जिले से वाहन खरीदें वाहन स्वामी के आधार कार्ड पर दर्ज नंबर के आधार ही गृह जनपद के पते का वाहन नंबर जारी होगा। नए नियम के तहत लोगों को अब एआरटीओ कार्यालय की जगह संबंधित डीलर के यहां से वाहन नंबर जारी किए जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने उन्नाव जनपद में वाहन पंजीयन के लिए पायलट प्रोजेक्ट पर बेहतर कार्य को देखते हुए आरटीओ कार्यालय की जगह अब वाहन डीलर को नंबर जारी करने के लिए व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत एआरटीओ कार्यालय से जारी होने वाले नंबर अब डीलर के यहां से ही मिलेंगे। वाहन निर्माता कंपनी अपने वाहनों का डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर फीड करेगा। ग्राहक जब शो रुम पर वाहन खरीदने पहुंचेगा तो डीलर वाहनों का डाटा ऑनलाइन ग्राहकों को दे सकेगा। इसके बाद आधार नंबर को दर्ज करते ही ओटीपी जेनरेट होगा और आधार कार्ड के पते के आधार पर ग्राहक को मूल जनपद का पंजीयन नंबर जारी हो जाएगा। वहीं, अन्य प्रदेश में वाहन ले जाना है तो अस्थाई नंबर लेकर जाना होगा।
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इसके लिए शासनादेश अभी जिले में नहीं आया है। शासन का निर्देश प्राप्त होते ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि नई पंजीयन व्यवस्था लागू होने से वाहन स्वामियों राहत मिलेगी। प्रदेश के किसी जनपद से वाहन खरीदा जा सकेगा। वाहन खरीदने के बाद वाहन स्वामियों को एआरटीओ कार्यालय पर आने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। उन्हें गृह जनपद का नंबर मिल जाएगा। पहले बने नियम से लोगों के सामने समस्या आती थी।
- राजभूषण चौधरी, आरआई, परिवहन विभाग, बलिया।