बलिया। मत भूलिए कि आप बलिया में हैं। सड़कों पर चलते रहिए, यही बेहतर है। यहां होटल हैं, अस्पताल हैं, माल हैं, बैंक हैं, दुकानें हैं, ठेले-खोमचे हैं लेकिन इस आबाद शहर में पार्किगिं की कोई जगह नहीं है। कुछ खरीदना हो तो लबे सड़क वाहन खड़ा कीजिए और दुकान में दाखिल हो जाइए...कोई हार्न बजाता है तो बजाने दीजिए।
शहर में एक भी पार्किगिं नहीं है। होटल, रेस्टोरेंट, दुकान या बैंक में जरूरी काम से जाने वालों को अपने वाहन सड़क पर ही खड़े करने पड़ते हैं। नगर पालिका ने कोई सार्वजनिक वाहन पार्किगिं की व्यवस्था नहीं की है और व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलाने वालों को भी इसकी फिक्र नहीं है। मुख्यमंत्री के एलान के बाद प्रशासन अतिक्रमण हटाने में जुटा है। इस दौरान सड़क पर खड़े वाहनों पर चालान भी किया जा रहा है। मगर किसी को फिक्र नहीं है कि शहर में लोग बिना वाहन के आएंगे कैसे और दुकानों में जाएंगे तो वाहन कहां पार्क करेंगे।
पंजाब नेशनल बैंक स्टेशन टाउनहाल रोड पर है। स्टेशन मालगोदाम रोड पर एसबीआई की सिटी ब्रांच, यूनियन बैंक की मेन ब्रांच और ओक्डेजनगंज पुलिस चौकी के सामने बैंक आफ इंडिया और यूको बैंक की शाखाएं है। यहां बड़ी संख्या में ग्राहक पहुंचते हैं। इन बैंकों में न अपनी कोई पार्किगिं है और न ही आसपास कोई सार्वजनिक पार्किगिं ही है। ग्राहकों को मजबूरी में वाहन बैंक के बाहर छोड़ने पड़ते हैं।
सिविल लाइन क्षेत्र में एक्सिस बैंक, जिलाधिकारी आवास के सामने एसबीआई, मिड्ढी में एसबीआई की मुख्य शाखा के अलावा एनसीसी तिराहा पर आईसीआईसी बैंक और कुंवर सिंह चौराहा के पास यूनियन बैक की शाखा स्थित हैं। जहां बड़ी संख्या में लोग लेनदेन व अन्य बैंकिंग कार्यों से आते हैं, लेकिन पार्किगिं की व्यवस्था नहीं है। सड़क पर ही अनधिकृत रूप से पार्किगिं बना ली गई है। आधी सड़क तक वाहन खड़े होने से राहगीर परेशान रहते है। स्टेशन चौक रोड पर मुख्य बाजार और कई शॉपिंग कॉप्लेक्स हैं लेकिन पार्किगिं नहीं है। एक ओर जहां सड़क किनारे खड़े वाहनों के चालान कटने का खतरा रहता है वहीं दूसरी ओर वो असुरक्षित भी रहते हैं। खासतौर से शहर में दुपहिया वाहन तो हर दिन एक-दो चोरी हो ही जाते हैं।