बरसात के पानी से होकर गुजरते बाइक सवार।
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सावन माह की शुरुआत झमाझम बारिश से शुरू हुई तो हर किसी में उत्साह का भाव साफ झलक रहा था। दिनभर रुक-रुक कर हो रही बारिश का आनंद युवाओं ने जमकर उठाया। बारिश में भीगकर मस्ती की। वहीं ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश को देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे। किसान अपने खेतों में धान की नर्सरी लेकर निकल पड़े।
जनपद में पिछले तीन दिनों से आसमान में बादलों का डेरा जमा हुआ है। सोमवार की सुबह से ही झमाझम बारिश का दौर जो शुरू हुआ तो वह शाम तक जारी रहा। काले कजरारे मेघ बरसना शुरु किए तो रात में तो बारिश हुई ही, पूरे दिन बारिश से बाबाधाम जाने वाले कांवरियों का जत्था भींगते हुए रवाना हुआ।
वहीं बाबा भोले अड़भंगी का दर्शन-पूजन करने वाले भींगते रहे। इसके बाद भी पूरे दिन मंदिरों में लंबी कतारें लगी रही। वहीं ग्रामीण इलाकों में बारिश के बाद किसान भी धान की रोपाई शुरु कर दिए।
सावन के प्रथम सोमवारी को इस तरह की बारिश को किसानों श्रेष्ठ मानते हुए बताया कि जिस साल पहले सोमवारी को बारिश होती है। उस साल धान की खेती बढ़िया होती रही है। इस प्रकार की बारिश का इंतजार किसानों को लंबे समय से था। पानी खेतों में भर जाने के बाद किसानों ने अपने मजदूरों के साथ धान की रोपाई शुरु कर दी। शहर की सड़कों पर बारिश का युवाओं ने भी जमकर आनंद उठाया। बाइक और साइकल सवार युवा बारिश में मस्ती करते हुए दिखाई दिए।