बलिया। मंडलायुक्त आजमगढ़ कनक त्रिपाठी और डीआईजी मनोज कुमार तिवारी ने मंगलवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सिगरेट, बीड़ी के अलावा कोई खास आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। जेल परिसर में जलभराव देश उन्होंने जेल प्रशासन को जेनरेटर लगवा कर पानी निकलवाने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने कहा कि जेल में बारिश का पानी लंबे समय तक भरना गंभीर समस्या है। इसे दूर करने का प्रयास होगा। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि जेल में किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री ना हो। यह सुनिश्चित किया जाए। दर्जनभर पुलिस के जवान और अधिकारियों की टीम ने जेल के हर बैरक में जाकर व्यवस्था जांची। कुल मिलाकर जेल परिसर में जलजमाव सबसे बड़ी समस्या मिली। समस्या को शीघ्र निपटाने का निर्देश जेल प्रशासन को दिया गया। परिसर में पेड़ गिरे होने पर कमिश्नर ने डीएफओ को निर्देश दिया कि तत्काल इसे हटवाया जाए।
क्षमता से अधिक कैदी के सवाल पर डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों में अपराध में कमी हुई है। ऐसा ही चलता रहा तो अपराधी भी कम होंगे और कुछ दिन बाद जेल में कैदियों की संख्या अपने आप घट जाएगी। कुछ दिनों पहले कैदी की मौत पर डीआईजी ने कहा कि अंदर जाने वाले सामानों की बाकायदा चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हम सब गम्भीर हैं। इसमें लापरवाही बरतने वाले पर कड़ी कार्रवाई भी होगी। इस दौरान पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट विपिन कुमार जैन, डीएफओ श्रद्धा यादव, सीओ सिटी अरुण सिंह, एसओजी की टीम मौजूद थी।
बैरकों तक बारिश का पानी देख भड़के सचिव :बलिया । जिला जज गजेंद्र कुमार के निर्देश पर मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार जिला जेल का निरीक्षण किया। जेल में बाहर से लेकर बैरकों तक बारिश का पानी भरने को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व जेल अधीक्षक को तत्काल जमा पानी को निकालने और समुचित व्यवस्था का निर्देश दिया। उन्होंने पाया कि जेल के बाहर दो पंपिंग सेट से पानी को निकाला जा रहा था। जलभराव को लेकर वे जूता व मोजा निकालकर निरीक्षण करने जेल में पहुंचे। बैरकों तक पानी जमा होने पर उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मौके पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी व जेल अधीक्षक को तत्काल बैरकों तक का पानी निकालने के सख्त निर्देश दिए।