बलिया। कस्बों और शहरों में आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के मकसद से क्लोज सर्किट कैमरे लगाने की पहल की गई है। इससे कस्बों में होने वाली अवांछनीय गतिविधियों को रोकने में यह कैमरे काफी मददगार साबित होंगे।
पहले चरण में इसके लिए जिले की सभी 10 नगर पंचायतों और दो नगरपालिकाओं का चयन किया जाएगा, जहां की गलियों, चौक-चौराहों पर चार-चार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि शहर व कस्बों में होने वाली गतिविधियां कैमरे में रिकॉर्ड होंगी। इससे अपराधियों के मन में भय उत्पन्न होगा। एएसपी डीपी तिवारी ने इस पहल को अमली जामा पहनने के लिए संभ्रात लोगों और व्यापारियों से समन्वय स्थापित किया है। शीघ्र ही योजनानुसार बलिया शहर में सौ और नगर पंचायतों में 30-30 सीसीटीवी कैमरे लगाएं जाएंगे। इसके शहर के व्यापारियों संग अपर पुलिस अधीक्षक ने प्रथम चरण की बैठक की है। इसमें सभी ने इसके लिए हामी भर दी है। इसमें अग्रणी रहने वाले व्यापारियों को राष्ट्रीय पर्व पर अथवा कार्यक्रम का आयोजन कर सम्मानित किया जाएगा और उन्हें प्रशस्तिपत्र भी दिया जाएगा।
पुलिस तय करेगी प्वाइंट
शहर समेत जिन नगर पंचायतों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, वहां स्थान का चयन पुलिस करेगी। इसके लिए शहर के अलावा उस नगर पंचायत में सर्वे करके ऐसे बिंदु/स्थान चिह्नित किए जाएंगे, जहां से लोगों की आमद रफ्त ज्यादा होगी। बाजार जाने वाले रास्ते और स्थानीय चौक चौपालों और बच्चों के स्कूल आने-जाने वाले रास्ते को प्राथमिकता दी जाएगी। एएसपी डीपी तिवारी के मुताबिक, ऐसे स्थान पर सीसीटीवी कैमरा लगने से जहां सबसे ज्यादा फायदा होगा, वहीं इसे लगवाया जाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक डीपी तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगवाए जाने वाले इस कैमरों की खरीद और रखरखाव का जिम्मा नगर पालिका और नगर पंचायत का होगा। निकाय की निधि में उपलब्ध धन से इसका भुगतान किया जाएगा। ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत शहर के चौराहों, सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार की तरफ से कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया गया है। व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, ग्राम प्रधानों के सहयोग से इस योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। शहर और नगर पंचायतों के चौराहों को इस योजना के तहत कैमरों से लैस किया जा रहा।