निकाय चुनाव के लिए बनी मतदाता सूची में कई खामियां सामने आने लगी हैं। एक ही परिवार के कई सदस्यों का नाम सूची से गायब है। मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर खामियां सामने आई हैं। प्रशासन भले ही दावा करता हो कि सूची साफ-सुथरा है लेकिन धरातल पर इसे तैयार करने में लापरवाही दिख रही है। बताया जाता है कि राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जनसंख्या के सापेक्ष अधिकतम 72 फीसदी मतदाता होने का मानक निर्धारित किया गया है।
इस मानक को पूरा करने के लिए अधिकारियों की ओर से निर्देश तो दिया गया लेकिन धरातल कोई सत्यापन नहीं किया गया। मतदाता सूची को लेकर अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बावजूद 18 अक्तूबर को किसी बूथ पर सूची का अंतिम प्रकाशन नहीं किया जा सका। इसके चलते मतदाताओं को यह भी जानकारी नहीं हो सकी उनके नाम सूची में हैं या नहीं।