नगर बंद के दौरान बुधवार को हुए उपद्रव, मारपीट और फायरिंग का ठीकरा सूबे के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री नारद राय ने भाजपा के सिर फोड़ा है। सारे घटना क्रम के बाद पहली बार वह सामने आए। गुरुवार को अपने आवास पर बातचीत में कहा कि भाजपा के लोगों ने नगर के सौहार्द को बिगाड़ा।
मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान लक्ष्मण गुप्त को छोटा भाई के समान बताते हुए कहा कि उनका आचरण भाजपा का दिया है। उसे वापस करें, ताकि नगर में शांति कायम हो सके। साथ ही लक्ष्मण गुप्त के साथ मारपीट और टेंडर में बेटे के शामिल होने से इनकार किया। नगर में विकास कार्यों की जांच की बात कही।
राय ने कहा कि लक्ष्मण को आज से नहीं, बल्कि उस समय से जानता हूं, जब वह राजनीति के पहले पायदान पर खड़े थे। उनकी राजनीति को हमने सींचा और संवारा है। राजनीति की जिंदगी लंबी है, ऐसे में भाजपा के उधार आचरण को वापस कर खुद का आचरण करें।
मुझे बेआबरू करने की यह भाजपा की सोची समझी चाल है। बलिया बंद के दौरान भाजपा के पूरे जनपद से आए अराजकतत्वों ने नगर का सौहार्द बिगाड़ा। बहुत लंबे समय से राजनीति में हूं और बंदी भी कराई है लेकिन किसी व्यापारी से नहीं उलझा।
कहा कि बंदी के दौरान राम प्रसाद जायसवाल की दूकान लूटी गई और उन्हें पीटा गया। वाराणसी के ट्रामा सेंटर में उनका इलाज करने से भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी ने रोका भी। इससे उनकी आंख की रोशनी खराब होने की स्थिति में आ गई है। रामप्रसाद की दूकान और घर में लूट की जांच होगी।
लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। कहा कि लोगों से सिर्फ एक ही अपील है कि वह नगर में दहशत की जगह सौहार्द का माहौल कायम करें। कहा कि नगरपालिका परिषद में टेंडर के दौरान टेेंडर स्थल पर मेरे बेटे की होने की बात गलत है। जांच में यदि बेटा टेंडर स्थल से एक किमी के दायरे में भी पाया जाता है तो मंत्री पद से इस्तीफा देते हुए राजनीति त्याग दूंगा।