टेंगरहीं-रामाबाबा स्थान के पास निर्माणाधीन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के चल रहे कार्य को रोकने के लिए सोमवार को टेंगरहीं और अन्य गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया। मिट्टी भरने से रोक दिया। धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने कहा कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण होने की वजह से गांव में जाने वाले रास्ते बंद हो रहा है। रास्ते पर अंडरपास मार्ग बनवाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कहा कि गांव से तीन रास्ते एनएच-31 पर जाते हैं। निर्माण कार्य के दौरान तीनों रास्ते बंद किया जा रहे हैं। इस रास्ते के बंद हो जाने से गांव की लगभग 50 हजार लोगों की बैरिया थाना, तहसील, पुलिस चौकी, ब्लॉक मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा आदि महत्वपूर्ण स्थानों पर जाने के लिए 5 से 8 किलोमीटर दूरी ज्यादा तय करनी पड़ेगी।
गांव से एनएच तक जाने वाला रास्ता मुश्किल से एक से डेढ़ किलोमीटर दूर पड़ता है। इसके बंद बंद होने से दूरी बढ़ जाएगी। तीन में से एक रास्ते टेंगरहीं से देवराज ब्रह्म मोड़ जाने वाले रास्ते पर अंडरपास हर हाल में बनना चाहिए। नहीं तो आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 25 अक्टूबर को धरना प्रदर्शन के बाद कहा गया था कि साइड मार्ग की व्यवस्था दी जाएगा।
हम साइड मार्ग का अभिप्राय नहीं समझ पाए थे। अब समझ में आ रहा है कि यह गांव के लिए किसी भी प्रकार से उपयोगी नहीं है। सूचना मिलने के बाद एनएचएआई के अभियंता सुधांशु सिंह को धरना स्थल पर भेजा गया। ग्रामीणों से लगभग एक घंटे तक चली वार्ता के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े रहे।
बताया गया कि ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों से संबंधित पत्रक मंगलवार को उप जिलाधिकारी बैरिया को देगा। जब तक कोई निर्णय नहीं होगा टेंगरहीं-देवराज ब्रह्ममोड़ के अंडरपास वाले स्थान पर बैठे रहेंगे और निगरानी करते रहेंगे। राणा संतोष सिंह, हरेंद्र पांडेय, अंशुमान प्रताप सिंह, सुनील राम, राजेश्वर पासवान, लाल बाबू पांडेय, लाखा सिंह, चंदशेखर यादव, गुप्तेश्वर राम, पहलवान सिंह, सनोज यादव, सर्फुद्दीन अंसारी, श्याम बाबू सिंह रहे।