रिहायशी झोपड़ी जलने के बाद राख में बदली
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गरमी बढ़ने का साथ ही जिले भर में अगलगी की घटनाएं बढ़ गईं है। शनिवार रात से लेकर रविवार रात तक कई जगहों पर अलग अलग कारणों से आग लगी। सुखपुरा थाना क्षेत्र के अपायल गांव में शनिचरा बाबा मंदिर के समीप शनिवार की आधी रात अज्ञात कारणों से रिहायशी झोपड़ी में आग लग गई।
अगलगी में हजारों रुपये के सामान जल कर राख हो गए और सामानों के बचाने के प्रयास में गृहस्वामी भी बुरी तरह झुलस गया। आसपास के लोगों ने इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। झोपड़ी मे बंधी गाय भी झुलस गई और पांच मुर्गियां जलकर मर गई।
महावीर अखाड़ा रसड़ा बाहरी दलित बस्ती में रविवार की सुबह हाईटेंशन तार की चिंगारी से लगी आग में आधा दर्जन रिहायशी झोपड़ियां राख हो गईं। अगलगी में तीन गायें भी गंभीर रूप से झुलस र्गइं। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड के जवानों किसी तरह आग पर काबू पाया।
इधर,एचटी लाइन के तारों से निकली चिंगारी से लगी आग में करीब15 कट्ठा में खड़ी गेहूं की फसल राख हो गई। ग्रामीणों ने मशक्कत कर आग को शांत किया।
बताया जाता है कि दोकटी थाना क्षेत्र के नवानगर निवासी मुन्नीलाल यादव गांव से कुछ दूरी पर दलनछपरा मौजे में गेहूं की खेती किए हैं और खेत के ऊपर से ही एचटी लाइन गुजरी है।
रविवार को चल रही तेज हवा के कारण तारों के टकराने से निकली चिंगारी से गेहूं की फसल में आग लग गई।
राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से दक्षिण पांडेयपुर बाग के समीप बिजली तारों से निकली चिंगारी से रविवार को दयाछपरा निवासी रामेस्वर पांडेय के खेत में आग लग गई। इसमें करीब दो कट्ठा गेहूं की फसल राख हो गई।