वित्तीय अनियमितता के मामले में दोषी पाए गए कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जिला प्रशासन का पुतला दहन किया। ग्रामीणों का कहना था कि कई महीनें पूर्व जांच में बरवां के कोटेदार को राशन व केरोसिन तेल वितरण मामले वित्तीय अनियमितता बरतने का दोषी पाया गया था। लेकिन एडीएम खेमपाल सिंह के आश्वासन के बावजूद उसके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं आमरण अनशन पर बैठे दो अनशनकारियों की तबियत अचानक बिगड़ गई। जिन्हे एंबुलेंस बुलाकर जिला चिकित्सालय भेजवाया गया।
हनुमानगंज विकास खंड के बरवां के कोटेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग को लेकर गांव के लोगों ने कई बार शिकायती पत्र जिला प्रशासन को दिया। लेकिन जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी कोटेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने पिछले माह धरना-प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया था। जिस पर एडीएम खेमपाल सिंह ने कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए आंदोलन को स्थगित करा दिया था।
लेकिन एक पखवारे बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर गांव के कुछ ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठ गए। अनशन के तीसरे दिन भी कोई अधिकारी अनशन स्थल पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण मनोज कुमार शाह ने कहा कि कोटेदार काफी रसूख वाला है जिसके चलते कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई करने से अधिकारी भी डर रहे है।
इस मौके पर इमरान अहमद, शमशेर वर्मा, जनार्दन प्रसाद, सुरेश चौहान, मनोज चौहान, श्रवण गोंड, सुभाष सिंह चौहान आदि मौजूद रहे। आंदोलन को इंडियन पुपिल्स सर्विसेज के जिलाध्यक्ष सुरेश शाह, अरविंद गोंडवाना, मुलायम प्रसाद ने समर्थन दिया है।
बरवां के ग्रामीणों द्वारा राशन व केरोसिन तेल का घोटाला करने वालें कोटेदार के खिलाफ चल रहे आमरण अनशन का समर्थन शहीद राजकुमार बाघ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगा दयाल पासवान ने की है। कहा कि जिले में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है। अराजक तत्वों का ही बोलबाला है। बलात्कार के आरोपी सरेआम घूम रहे है। पुलिस प्रशासन के लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे है। गलत लोगों को ही बचाने में जिला प्रशासन के लोग लगे हुए है।